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Arabian Sea Cyclone: उत्तर भारत में ताबड़तोड़ वेस्टर्न डिस्टर्बेंस डेवलप होने की वजह से जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्राखंड, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR तक प्रभावित हुए हैं. इन प्रदेशों में बारिश रिकॉर्ड की गई है. अब अरब सागर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते कई राज्यों में बारिश की संभावना जताई गई है.
Arabian Sea Cyclone: अरब सागर में साइक्लोनिक सर्कुलेशन की स्थिति बनने से तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप समेत अन्य क्षेत्रों में बारिश की संभावना है. (फाइल फोटो/PTI)Arabian Sea Cyclone: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पड़ोसी समुद्री इलाकों में कई कम दबाव वाले सिस्टम की मौजूदगी के कारण सोमवार को पश्चिमी घाट के जिलों में हल्की बारिश का अनुमान लगाया है. अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप और केरल तटों के आसपास के इलाकों में फिलहाल एक कम दबाव का साइक्लोनिक सर्कुलेशन एक्टिव है. इसके अलावा कोमोरिन सागर और आसपास के इलाकों में एक और कम दबाव का साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन गया है. इन मौसमी स्थितियों से दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मौसम के पैटर्न पर काफी असर पड़ने की उम्मीद है. इन सिस्टम्स की वजह से पश्चिमी घाट के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. बता दें कि इससे पहले बंगाल की खाड़ी में हलचल होने की वजह से कई तटवर्ती इलाकों में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहा था.
IMD के मौसम विशेषज्ञों ने इन इलाकों के निवासियों को सावधान रहने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी और भूस्खलन (Landslide) वाले इलाकों में, क्योंकि रुक-रुक कर होने वाली बारिश से रोजाना के काम और यात्रा पर असर पड़ सकता है. मौसम विभाग ने कई अंदरूनी जिलों के लिए कोहरे की चेतावनी भी जारी की है. सोमवार से 5 फरवरी तक कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, नीलगिरी और डिंडीगुल जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा रहने की उम्मीद है. इन इलाकों में विजिबिलिटी कम हो सकती है और गाड़ी चलाने वालों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है.
IMD का क्या है पूर्वानुमान?
इस बीच, चेन्नई में मौसम के अपेक्षाकृत स्थिर रहने की उम्मीद है. शहर में दिन भर आसमान में हल्के बादल छाए रहने की संभावना है. तमिलनाडु की राजधानी में न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे अंदरूनी ठंडे और नमी वाले इलाकों की तुलना में मौसम थोड़ा सुहावना रहेगा. मौसम अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल कोई गंभीर मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन कम दबाव वाले सिस्टम में होने वाले बदलावों पर करीब से नजर रखी जाएगी. बारिश की तीव्रता या हवा के पैटर्न में किसी भी बड़े बदलाव की जानकारी आधिकारिक सलाह के जरिए तुरंत दी जाएगी.
आमलोगों को चेतावनी
प्रभावित जिलों के निवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम के लेटेस्ट बुलेटिन से अपडेट रहें और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें. केरल और लक्षद्वीप तटों के मछुआरों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया गया है, क्योंकि मौजूदा चक्रवाती हवाओं के कारण समुद्र की स्थिति बदल सकती है. मौसम का मौजूदा पैटर्न मौसमी बदलाव के दौर को दिखाता है, जिसके दौरान दक्षिण भारत में बारिश, कोहरे और तापमान में उतार-चढ़ाव आमतौर पर देखा जाता है.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

