नई दिल्ली। गारमेंट सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी फ्रैक्टल इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 49 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 18 फरवरी तक बोली लगाई जा सकती है।
इश्यू की क्लोजिंग के बाद 19 फरवरी को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 20 फरवरी को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 23 फरवरी को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन इस आईपीओ को दोपहर 12 बजे तक 0.24 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला है।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 205 रुपये से लेकर 216 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,59,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 22,68,600 नए शेयर जारी हो रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.42 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.27 प्रतिशत हिस्सा, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.28 प्रतिशत हिस्सा और मार्केट मेकर्स के लिए 5.03 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है।
इस इश्यू के लिए फाइनेक्स कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजी लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है। कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है।
वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.27 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.54 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 6.78 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी होती रही।
वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 50.01 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 85.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2025 में कंपनी को 47.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस अवधि में कंपनी के कर्ज का बोझ भी बढ़ता गया।
वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 21.88 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 27.61 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर 24.63 करोड़ रुपये का कर्ज था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.66 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 15.20 करोड़ रुपये हो गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत तक ये 18.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 11.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में ये 9.29 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

