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बिहार में सांप काटने से मौत पर 10 लाख का मुआवजा देने की तैयारी, इस दिवंगत नेता की पुरानी मांग पर विधानसभा अध्यक्ष ने दिए निर्देश


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Bihar News: बिहार में सांप के काटने से मौत होने पर मिलने वाला मुआवजा बढ़ सकता है. अभी राज्य सरकार की ओर से सर्पदंश से मौत पर 4 लाख रुपये दिए जाते हैं . अब इसे बढ़ाने की दिशा में पहल शुरू हुई है . बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है .

बिहार में सांप काटने से मौत पर मिलेगा 10 लाख का मुआवजा! स्पीकर ने दिए निर्देशZoom

बिहार में सांप के काटने से मौत पर मुआवजा 10 लाख करने की तैयारी

पटना. बिहार में अगर किसी भी व्यक्ति की सांप के डंसने से जान चली जाती है तो उसके परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. विधानसभा के स्पीकर प्रेम कुमार ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. विधानसभा परिसर में हुई एक बैठक में स्पीकर ने कहा कि अगर सांप को वन्यजीव की श्रेणी में शामिल कर लिया जाए तो सर्पदंश से मौत को भी वन्यजीव से हुई मौत माना जा सकेगा. बता दें कि राज्य में वन्यजीव के हमले से मौत होने पर 10 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है . इसी आधार पर सर्पदंश पीड़ित परिवारों को भी समान मुआवजा देने की बात कही गई है .

क्या है मुआवजा व्यवस्था और बदलाव क्यों?

बता दें कि अब तक सर्पदंश से होने वाली मौतों पर आपदा प्रबंधन विभाग 4 लाख रुपये का मुआवजा देता है. लेकिन वन्यजीव से होने वाली मौत पर राज्य में 10 लाख रुपये के मुआवजे का प्रावधान है . इसी औचित्य को आधार मानकर स्पीकर ने कहा कि अगर सांप को वन्यजीव घोषित कर लिया जाता है तो सर्पदंश में मौत को भी वन्यजीव से हुई मौत जैसा माना जाएगा और 10 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा. हालांकि, यह निर्णय अभी प्रक्रिया में है और अंतिम अधिसूचना जारी नहीं हुई है. इस नियम में संशोधन अब विधिवत प्रक्रियाओं और विभागीय अनुमोदन के बाद होगा.

पहले भी उठ चुका है मुद्दा

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व में दिवंगत उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने समय रहते सदन में सांप को वन्यजीव के रूप में घोषित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर कार्यवाही नहीं हो पाई है. इसलिए अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर इसके क्रियान्वयन का काम तेजी से पूरा करने को कहा गया. जानकारों का कहना है कि बिहार में सांप के काटने से होने वाली मौतें समय-समय पर दर्ज होती रहती हैं और इससे जुड़े प्रावधानों में सुधार की मांग लंबे समय से रहती है. यह बदलाव लागू होने के लिए संबंधित विभागों से मंजूरी और नोटिफिकेशन जारी होने का इंतजार करेगा.

नीलगाय पर भी निर्देश

साफ है कि अगर सांप को आधिकारिक रूप से वन्यजीव घोषित कर दिया जाता है तो सर्पदंश से मौत पर भी इसी 10 लाख रुपए का मुआवजा मिलेगा. बैठक के दौरान स्पीकर ने नीलगाय (घोड़परास) से होने वाली फसल क्षति को भी मुद्दा बनाया. उन्होंने राज्य में नीलगाय के शिकार के लिए लाइसेंसधारी आखेटकों (शूटरों) की संख्या 200 से बढ़ाकर 400 करने के निर्देश दिए हैं और प्रक्रिया को सरल बनाने को कहा है. बता दें कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक रजनीश कुमार ने तारांकित सवाल के माध्यम से यह मामला उठाया था.

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Vijay jha

पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें

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