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राफेल के बाद अब S-400; भारत ने रूस से कर ली ₹10000 करोड़ की डील, पाक को लगेगा 288 वोल्ट का झटका


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S-400 Missiles: भारत के रक्षा मंत्रालय के रक्षा खरीद परिषद की बैठक में हथियार खरीद से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए. इसमें फ्रांस से 114 राफेल विमान खरीदने का सौदा सबसे अहम है. इसके साथ ही अमेरिका से छह पी-8आई टोही विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई है. इसी क्रम में एस-400 डिफेंस सिस्टम के लिए 288 मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी दी गई.

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भारत ने रूस से एस-400 डिफेंस सिस्टम के लिए 288 मिसाइलें खरीदने को मंजूरी दे दी है.

S-400 Missiles: रक्षा मंत्रालय के रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने गुरुवार को कई बड़े रक्षा समझौते को मंजूरी दी. इसमें फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे के साथ कई अन्य फैसले शामिल हैं. इसी क्रम में दुनिया के सबसे बेहतरीन एयर डिफेंस सिस्टम S-400 को लेकर भी एक बड़ा फैसला किया गया. दरअसल, भारत ने रूस से ₹10,000 करोड़ की लागत से एस-400 सिस्टम के लिए 288 मिसाइलों की खरीद को मंजूरी दी है. बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने एस-400 की ताकत देखी थी. ऐसे में इन मिसाइलों की खरीद से एस-400 के दांत और तीखे होंगे. इसको लेकर अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स ने एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट छापी है. इस बैठक में अमेरिका से छह पी-8आई टोही विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है. यह सौदा करीब 30 हजार करोड़ रुपये के आसपास का बताया जा रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी विमानों और उसके ठिकानों पर हमले के लिए एस-400 से कई मिसाइलें दागी गई थीं. इस कारण इन मिसाइलों का स्टॉक कम हो गया था. इस कारण इन स्टॉक को भरने के लिए इस सौदे को मंजूरी दी गई है. इसके साथ ही सेना की कोशिश एस-400 के जखीरे में ज्यादा से ज्यादा लॉन्ग और शॉर्ट रेंज की मिसाइलें रखना है. गुरुवार को मिली मंजूरी के तहत 120 शॉर्ट रेंज और 168 लॉन्ग रेंज की मिसाइलें खरीदी जाएंगी. ये खरीद फास्ट ट्रैक तरीके से की जाएगी. सरकार ने मिसाइलों की इस खरीद को मंजूरी ऐसे वक्त में दी है जब भारत को इसी साल जून और नवंबर में एस-400 के दो बचे हुए स्क्वाड्रन रूस से मिलने वाले हैं.

एस-400 के 5 और स्क्वाड्रन की तैयारी

इतना ही नहीं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एस-400 की सफलता से भारतीय सेना उत्साहित है. वह इस डिफेंस सिस्टम के और पांच स्क्वाड्रन खरीदने की वकालत कर रही है. सेना रूस से पैंटसर शॉर्ट रेंज सिस्टम भी खरीदने की बात कह रही है. इस तरह अगर यह सौदा होता है तो भारत के पास भविष्य में एस-400 के 10 स्क्वाड्रन हो जाएंगे और इस तरह पूरा देश एक किले में तब्दील हो जाएगा. एस-400 और पैंटसर मिसाइल सिस्टम के जरिए दो स्तरीय डिफेंस सिस्टम बनाया जा सकेगा. पैंटसर डिफेंस सिस्टम कमिकाजे ड्रोन सिस्टम से बचाव करता है. डीएसी की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि रक्षा मंत्री ने करीब 3.60 लाख करोड़ रुपये के रक्षा प्रस्तावों को मंजूरी दी है.

रिपोर्ट के मुताबिक के मुताबिक एस-400 के लिए खरीदी जाने वाली मिसाइलों में 400 किमी, 200 किमी, 150 किमी और 40 किमी रेंज वाली मिसाइलें शामिल होंगी. ये सभी सरफेस टु एयर मिसाइलें होंगी. इस एस-400 की मिसाइलों ने ही ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 314 किमी भीतर जाकर हमला किया था. इस कारण पाकिस्तान के रावलपिंडी से पाकिस्तान को अपना एयरबेस शिफ्ट करना पड़ा था.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

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