भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बड़ा अलर्ट जारी किया है. समुद्री इलाकों में एक के बाद एक कम दबाव के सिस्टम सक्रिय होने से आने वाले तीन दिन कई राज्यों के लिए भारी पड़ सकते हैं. अरब सागर से लेकर कोमोरिन सागर तक बन रही मौसमी हलचल का असर पश्चिमी घाट और दक्षिणी राज्यों में साफ दिखने लगा है.
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप व केरल तट के आसपास इस समय एक कम दबाव का साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है. इसके साथ ही कोमोरिन सागर और उससे सटे इलाकों में भी एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बन गया है. इन दोनों सिस्टम्स के कारण दक्षिण भारत के मौसम पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
आईएमडी ने बताया कि इन मौसमी परिस्थितियों के चलते पश्चिमी घाट के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. खासकर पहाड़ी और भूस्खलन संभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि रुक-रुककर होने वाली बारिश से जनजीवन और यात्रा प्रभावित हो सकती है.
बारिश के साथ-साथ मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर भी चेतावनी जारी की है. सोमवार से 5 फरवरी तक तमिलनाडु के कृष्णागिरी, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, नीलगिरी और डिंडीगुल जिलों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है. इससे विजिबिलिटी कम हो सकती है और वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
वहीं, चेन्नई में मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है. शहर में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है. हालांकि, नमी बनी रहने से हल्की उमस महसूस की जा सकती है.
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन अरब सागर में बन रहे सिस्टम्स पर लगातार नजर रखी जा रही है. बारिश की तीव्रता या हवा के पैटर्न में किसी भी बड़े बदलाव की स्थिति में तुरंत नया अलर्ट जारी किया जाएगा. इसके अलावा, केरल और लक्षद्वीप तट के मछुआरों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि चक्रवाती हवाओं के चलते समुद्र की स्थिति अचानक बिगड़ सकती है.
IMD का कहना है कि यह मौसमी बदलाव का दौर है, जिसमें दक्षिण भारत में बारिश, कोहरा और तापमान में उतार-चढ़ाव सामान्य है. ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम के ताजा बुलेटिन पर नजर रखें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें.

