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कटरा बंद लेटेस्ट न्यूज़: वैष्णो देवी रोपवे पर छिड़ा घमासान, कल पूरा कटरा बंद, क्या थम जाएगी भक्तों की यात्रा? | Katra Bandh News Protest Against Vaishno Devi Ropeway Project


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Mata Vaishno Devi News: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा कटरा से सांझीछत तक प्रस्तावित रोपवे परियोजना का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध शुरू हो गया है. माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने इसके विरोध में कल यानी 18 फरवरी को एक दिन के ‘कटरा बंद’ का ऐलान किया है. इस दौरान बाजार, दुकानें और रेस्टोरेंट बंद रहने की संभावना है, जिससे कटरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है.

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माता वैष्णो देवी के दर्शन को जा रहे श्रद्धालु रहें अलर्ट! 18 फरवरी को कटरा बंदZoom

माता वैष्णो देवी यात्रा: कटरा से सांझीछत रोपवे के विरोध में कल दुकानें और रेस्टोरेंट रहेंगे बंद. (File Photo : PTI)

जम्मू: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए प्रस्तावित रोपवे प्रोजेक्ट अब विवादों में घिर गया है. माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने इस परियोजना के विरोध में बुधवार (18 फरवरी) को एक दिवसीय कटरा बंद का आह्वान किया है. स्थानीय निवासियों और व्यापारियों का मानना है कि कटरा से सीधे सांझीछत तक रोपवे बनने से स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा. बंद के दौरान कटरा के मुख्य बाजारों से लेकर छोटे ढाबे और रेस्टोरेंट तक बंद रखने का फैसला लिया गया है, जिससे बाहर से आने वाले यात्रियों को परेशानी हो सकती है.

क्यों हो रहा है कटरा से सांझीछत रोपवे का विरोध?

संघर्ष समिति का तर्क है कि रोपवे परियोजना शुरू होने से उन हजारों लोगों का रोजगार छिन जाएगा जो घोड़े, पिट्ठू और पालकी के जरिए श्रद्धालुओं को सेवा देते हैं. कटरा के व्यापारियों को डर है कि अगर श्रद्धालु सीधे रोपवे से ऊपर चले जाएंगे, तो स्थानीय बाजारों की रौनक कम हो जाएगी. हाल ही में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई श्राइन बोर्ड की बैठक में कई विकास कार्यों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन रोपवे का मुद्दा अब स्थानीय लोगों के लिए गले की फांस बन गया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार को स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए.

क्या श्राइन बोर्ड के नए फैसले बदलेंगे कटरा की तस्वीर?

एक तरफ जहां रोपवे का विरोध हो रहा है, वहीं श्राइन बोर्ड ने क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं. बोर्ड ने कटरा के नताली क्षेत्र में ‘शक्ति संग्रहालय’ बनाने और अत्याधुनिक साउंड एंड लाइट शो शुरू करने की योजना बनाई है. इसके अलावा, श्रद्धालुओं के लिए बीमा कवर की राशि 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है. बोर्ड का लक्ष्य कटरा को एक आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाना है, ताकि वैश्विक स्तर पर इसे पहचान मिले. हालांकि, इन तमाम सुविधाओं के बीच रोपवे पर उपजा विवाद फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है.

कटरा जाने वाले श्रद्धालुओं को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा?

बुधवार को कटरा बंद रहने की वजह से श्रद्धालुओं को लॉजिस्टिक संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. चूंकि दुकानें और भोजनालय बंद रहेंगे, इसलिए खाने-पीने और जरूरी सामान की खरीदारी मुश्किल हो जाएगी. संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि यह बंद फिलहाल एक दिन का है, लेकिन अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को तेज किया जा सकता है. ऐसे में यात्रा पर जाने वाले भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी व्यवस्था पहले से दुरुस्त रखें और स्थानीय स्थिति का जायजा लेकर ही कटरा की गलियों में निकलें.

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Deepak Verma

दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्‍य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें

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