नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच एक नई चर्चा तेज हो गई है. अमेरिका द्वारा जारी किए गए एक नक्शे को लेकर पाकिस्तान में हलचल मच गई है. इस नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) को भारत का हिस्सा दिखाए जाने की खबर ने पाकिस्तान की राजनीति और सैन्य गलियारों में बेचैनी बढ़ा दी है. इस घटनाक्रम को भारत के लिए बड़ी रणनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह है कि इस मुद्दे पर डिफेंस एक्सपर्ट ए. के. सिवाच ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस कदम को भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया है और कहा है कि अमेरिका जैसी ताकतवर देश नक्शों को गलती से जारी नहीं करता.
News18 से बातचीत में डिफेंस एक्सपर्ट ए. के. सिवाच ने कहा कि अमेरिका किसी भी अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज या नक्शे को जारी करने से पहले गंभीर रणनीतिक और राजनीतिक विचार करता है. ऐसे में POK को भारत का हिस्सा दिखाना महज तकनीकी गलती नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह कहता रहा है कि POK और गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न हिस्सा हैं. सिवाच के मुताबिक अमेरिका के इस कदम से भारत की स्थिति को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिली है. साथ ही यह पाकिस्तान के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका साबित हो सकता है.
सिवाच बोले, अमेरिका ने साफ किया अपना रुख
ए. के. सिवाच के अनुसार अमेरिका ने इस नक्शे के जरिए अप्रत्यक्ष रूप से अपना रुख साफ कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह भारत के पक्ष में एक महत्वपूर्ण संकेत है. सिवाच ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मजबूत होते आर्थिक और रणनीतिक रिश्तों का असर अब भू-राजनीतिक मामलों में भी दिखाई देने लगा है.
- सिवाच ने कहा कि भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान ने POK पर अवैध कब्जा किया हुआ है. उन्होंने बताया कि अमेरिका का यह कदम भारत की उस दलील को मजबूती देता है. इसे भारत लंबे समय से वैश्विक मंचों पर उठाता रहा है. उन्होंने इसे भारत के लिए ‘विन-विन सिचुएशन’ बताया और कहा कि इससे भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी.
- उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों का भी जिक्र किया. सिवाच के मुताबिक भारत अमेरिका को करीब 80 से 90 बिलियन डॉलर का सामान निर्यात करता है, जबकि अमेरिका से भारत लगभग 40 से 41 बिलियन डॉलर का आयात करता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग कूटनीतिक संबंधों को और मजबूत कर रहा है, जिसका असर वैश्विक राजनीति में भी दिखाई दे रहा है.
POK को लेकर अमेरिका के नक्शे को इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है?
अमेरिका द्वारा जारी किसी भी आधिकारिक दस्तावेज या नक्शे को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से देखा जाता है. अगर POK को भारत का हिस्सा दिखाया गया है तो यह भारत के दावे को मजबूत करने वाला संकेत माना जा सकता है. इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूती मिल सकती है और पाकिस्तान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ सकता है.
डिफेंस एक्सपर्ट ए. के. सिवाच ने इस पर क्या कहा?
सिवाच ने कहा कि अमेरिका नक्शे गलती से जारी नहीं करता. उन्होंने इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत बताया. उनके अनुसार अमेरिका ने सोच-समझकर यह कदम उठाया है, जिससे भारत की रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई है और पाकिस्तान के लिए चुनौती बढ़ी है.
भारत और अमेरिका के संबंध इस मामले में कितने अहम हैं?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीकी सहयोग तेजी से बढ़ रहा है. मजबूत आर्थिक साझेदारी अक्सर कूटनीतिक रिश्तों को भी मजबूत करती है. सिवाच का मानना है कि यही कारण है कि अमेरिका भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा कर रहा है.
पाकिस्तान पर इस घटनाक्रम का क्या असर पड़ सकता है?
पाकिस्तान लंबे समय से कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है. अगर वैश्विक स्तर पर भारत के दावे को समर्थन मिलता है तो पाकिस्तान की रणनीति कमजोर हो सकती है. इससे उसके कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है.

