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मिग-21 के कॉकपिट में बैठी भारतीय शेरनी; भावना कंठ ने साबित कर दिया, बेटियां भी आसमान चीर सकती हैं


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Bhawana Kanth Fighter Pilot: भावना कंठ ने असली इतिहास तो 16 मार्च 2018 को रचा, जब भावना ने मिग-21 ‘बाइसन’ की अपनी पहली सोलो फ्लाइट उड़ाई. उनकी मेहनत और हिम्मत को सलाम करते हुए 9 मार्च 2020 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें ‘नारी शक्ति पुरस्कार’ से सम्मानित किया.

मिग-21 में बैठी भारतीय शेरनी; भावना ने बता दिया, बेटियां भी आसमान चीर सकती हैंफाइटर पायलट भावना कंठ बिहार के दरभंगा की रहने वाली हैं.

नई दिल्ली. कहते हैं कि सपनों की उड़ान सिर्फ हिम्मत मांगती है, आसमान की कोई सीमा नहीं होती. बिहार के दरभंगा की बेटी भावना कंठ की कहानी इसी हिम्मत और सपनों की उड़ान की मिसाल है. भारतीय वायुसेना की पहली तीन महिला फाइटर पायलटों में शामिल भावना आज देश के आकाश की रक्षा करती हैं और दुनिया को बताती हैं कि बेटियां कहीं भी, किसी भी मुकाम तक पहुंच सकती हैं.

बचपन से ही आसमान में उड़ते एयरक्राफ्ट को देखकर उनके मन में उड़ान का शौक पैदा हुआ. परिवार का माहौल पढ़ाई और मेहनत को महत्व देने वाला था. पिता डॉक्टर और मां शिक्षिका – घर में हमेशा यही सीख मिली कि बेटियां किसी से कम नहीं. पढ़ाई में भी भावना बेहद होनहार थीं. दसवीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाकर उन्होंने ‘मेधा पुरस्कार’ हासिल किया, जिसने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी.

इंजीनियरिंग की राह में वे कोटा गईं और यहीं पहली बार NDA में जाने की इच्छा जताई. लेकिन उस समय लड़कियों के लिए NDA का रास्ता बंद था. इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु के बीएमएस इंजीनियरिंग कॉलेज से मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक किया और फिर वायुसेना की परीक्षा में सफलता पाई.

2016 में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर द्वारा महिलाओं के लिए फाइटर स्ट्रीम खोलने का ऐतिहासिक निर्णय आया. यही अवसर भावना के जीवन को नई दिशा देने वाला साबित हुआ. भावना कंठ, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह – तीन नाम दुनिया भर में भारत की नारी शक्ति का प्रतीक बन गए.

लेकिन सच्चा इतिहास 16 मार्च 2018 को लिखा गया, जब भावना ने अकेले मिग-21 ‘बाइसन’ उड़ाया. यह वही तेज रफ्तार लड़ाकू विमान है, जिसे उड़ाना भारतीय वायुसेना के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण माना जाता है. हजारों फीट ऊपर, तेज रफ्तार जेट में अकेली भारतीय महिला पायलट – यह दृश्य देश के लिए गौरव का क्षण था. यह सिर्फ भावना की उपलब्धि नहीं थी, बल्कि उन लाखों बेटियों का आत्मविश्वास था, जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती हैं.

भावना की उपलब्धियों को सम्मान देते हुए 2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें ‘नारी शक्ति पुरस्‍कार’ से सम्मानित किया. यह सम्मान साबित करता है कि मेहनत, संकल्प और साहस से कोई भी नया इतिहास लिख सकता है. भावना कंठ आज सिर्फ एक फाइटर पायलट नहीं, बल्कि प्रेरणा का दूसरा नाम हैं. उनकी उड़ान से हर बेटी सीखती है – ऊंची उड़ान वही भरते हैं जो डर से ऊपर उठते हैं.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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