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Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के पोलावरम में आदिवासी आश्रम स्कूल के 89 छात्र इडली-चटनी खाने से बीमार हो गए. नाश्ते के बाद बच्चों को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें रम्पाचोडावरम अस्पताल में भर्ती कराया गया. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने घटना पर रिपोर्ट तलब की है. लापरवाही के आरोप में हेडमास्टर और वार्डन को नोटिस जारी किया गया है. फिलहाल सभी छात्रों की हालत स्थिर बताई जा रही है.

इडली चटनी बच्चों को मिड-डे मील में दी गई थी.
आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले में एक सरकारी आदिवासी कल्याण आश्रम स्कूल में भीषण लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां देवरापल्ली स्थित स्कूल में सुबह का नाश्ता करने के बाद 89 छात्र गंभीर रूप से बीमार हो गए. पुलिस के अनुसार छात्रों ने नाश्ते में इडली और चटनी खाई थी जिसके कुछ ही देर बाद उन्हें उल्टियां और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने लगी. सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने इस घटना की समीक्षा की. उन्होंने जिला कलेक्टर से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
नायडू ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जाए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. फिलहाल, सभी छात्रों की हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें माइल्ड फूड पॉइजनिंग का शिकार माना गया है.
कैसे बिगड़े हालात?
रम्पाचोडावरम के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) साई प्रशांत ने बताया कि स्कूल में कुल 255 छात्रों ने नाश्ता किया था. नाश्ता करने के थोड़ी देर बाद ही कई बच्चों की हालत बिगड़ने लगी. स्कूल स्टाफ ने तुरंत एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया.
· रेस्क्यू ऑपरेशन: 108 एम्बुलेंस के ईएमटी प्रेम कुमार और पायलट नागेश ने तत्परता दिखाते हुए बीमार बच्चों को अस्पतालों में भर्ती कराया.
· अस्पताल में भर्ती: 18 छात्रों को मारेडुमिली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जबकि बाकी 71 बच्चों को रम्पाचोडावरम क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया.
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य और कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरिता और जिला जनजातीय कल्याण अधिकारी रुकमंगदैया ने स्कूल का निरीक्षण किया.
1. सैंपल कलेक्शन: टीम ने स्कूल से भोजन और पीने के पानी के नमूने एकत्र किए हैं. इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि जहर या संक्रमण के कारणों का पता लगाया जा सके.
2. सख्त एक्शन: प्रोजेक्ट ऑफिसर स्मरण राज ने बताया कि स्कूल के हेडमास्टर नागेश्वर राव और वार्डन गणपति को कारण बताओ नोटिस (Show-cause notice) जारी किया गया है.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें

