केंद्रीय बजट में यूपी में रेलवे के कायाकल्प के लिए 20012 करोड़ रुपये का इंतजाम किया गया है। इससे प्रदेश में ट्रेनों को रफ्तार देने, हाईस्पीड ट्रैक, अत्याधुनिक रेलवे स्टेशनों, सेफ्टी आदि से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। दिल्ली में सोमवार को प्रेसवार्ता में रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। इसका हजरतगंज स्थित उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के डीआरएम कार्यालयों में भी प्रसारण हुआ।
इसके बाद मंडल रेल प्रबंधक सुनील वर्मा एवं गौरव अग्रवाल ने प्रेसवार्ता कर बताया कि गत वर्ष बजट में यूपी में रेलवे की गतिविधियों के लिए 19858 करोड़ रुपये दिए गए थे, जो इस बार बढ़ाकर 20012 करोड़ रुपये किए गए हैं। यह कांग्रेस की सरकारों में दिए गए बजट से कई गुना अधिक है। बजट में खास बात यह है कि देशभर में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाने हैं, जिसमें दो यूपी को मिले हैं।
दिल्ली से वाराणसी व वाराणसी से सिलिगुड़ी के बीच हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इसकी डीपीआर जल्द तैयार की जाएगी। हालांकि ट्रेनें किन रूटों से गुजरेंगी, इससे संबंधित सवालों के जवाब रेलमंत्री ने नहीं दिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली से वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी के कई शहरों को जोड़ेगा। यह यात्रा 3.50 घंटे में पूरी हो सकेगी। दिल्ली से सिलीगुड़ी तक इकोनॉमिक कॉरिडोर बनेगा।