नई दिल्ली. राजनीति के अखाड़े में अक्सर शब्दों के बाण चलते हैं. लेकिन इस बार कर्नाटक कांग्रेस की दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री सी. मोतम्मा के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है. मंगलुरु के एक कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं को लेकर ऐसी बात कह दी जिसने सीधे बीजेपी को हमला करने का मौका दे दिया. मोतम्मा ने राजनीति में महिलाओं की स्थिति और उनके व्यवहार पर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने महिलाओं को साइड डिश न बनने की सलाह दी. लेकिन उनके ग्लैमर और आज्ञाकारिता वाले शब्दों ने सियासी गलियारों में आग लगा दी है. बीजेपी ने इसे महिलाओं का अपमान करार दिया है. वहीं, कांग्रेस इस बयान के बाद बचाव की मुद्रा में नजर आ रही है. राजनीति में महिलाओं की भागीदारी और उनके प्रति नजरिए को लेकर यह विवाद अब दिल्ली तक पहुंच चुका है. क्या यह सिर्फ एक सलाह थी या महिलाओं की अस्मिता पर चोट? इस पर घमासान तेज हो गया है.
क्या कहा सी. मोतम्मा ने?
मंगलुरु में महिला वैभव कार्यक्रम के दौरान मोतम्मा महिलाओं को संबोधित कर रही थीं. उन्होंने कहा कि आज महिलाएं राजनीति में खुद को ग्लैमरस दिखाना चाहती हैं. उनका मानना है कि ऐसा करने से बड़े नेता उन्हें आसानी से पहचान लेंगे. उन्होंने महिलाओं को नेताओं के प्रति केवल आज्ञाकारी बने रहने पर भी टोका. मोतम्मा ने चेतावनी दी कि अगर यह रवैया नहीं बदला तो महिलाएं कभी मुख्य भूमिका में नहीं आ पाएंगी.
साइड डिश बनकर रह जाएंगी महिलाएं
मोतम्मा ने अपने संबोधन में एक कड़ा शब्द इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि अगर महिलाएं सिर्फ मुस्कुराने और दूसरों को खुश करने तक सीमित रहीं तो वे राजनीति में साइड डिश बनकर रह जाएंगी. उनके अनुसार महिलाओं को फैसलों में अपनी धाक जमानी होगी. उन्हें केवल उपस्थिति दर्ज कराने के बजाय नेतृत्व की क्षमता विकसित करनी चाहिए.
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रत्यूष कंठ ने इस बयान पर कांग्रेस को जमकर घेरा. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कांग्रेस नेताओं की भाषा हमेशा महिलाओं का अपमान करने वाली होती है. बीजेपी ने इसे कांग्रेस की ‘सामंती मानसिकता’ करार दिया. उन्होंने याद दिलाया कि एक तरफ केंद्र सरकार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण की बात करती है, वहीं कांग्रेस नेता ऐसी ओछी टिप्पणी करते हैं.
पुराने विवादों की याद दिलाई
बीजेपी ने इस दौरान कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के पुराने विवादित बयान का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास ही महिलाओं के प्रति असम्मानजनक रहा है. बीजेपी के अनुसार, मोतम्मा का यह बयान कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि उनकी पार्टी की विचारधारा का हिस्सा है.
सवाल-जवाब
प्रश्न: सी. मोतम्मा ने ‘ग्लैमर’ शब्द का इस्तेमाल क्यों किया?
उत्तर: उन्होंने महिलाओं को यह समझाने की कोशिश की कि वे केवल बाहरी दिखावे के बजाय अपनी काबिलियत पर ध्यान दें.
प्रश्न: बीजेपी ने इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: बीजेपी ने इसे सेक्सिस्ट (Sexist) और महिलाओं का अपमान करने वाला बयान बताया है.
प्रश्न: ‘महिला वैभव’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: यह कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया गया था.
प्रश्न: क्या मोतम्मा कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुकी हैं?
उत्तर: हाँ, सी. मोतम्मा कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में मंत्री के रूप में कार्य कर चुकी हैं.

