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Merchant Navy Officer: सार्थक महापात्रा 14 जुलाई 2025 को ‘ईए जर्सी’ नामक जहाज पर डेक कैडेट के रूप में शामिल हुआ था. 3 फरवरी 2026 को कंपनी की ओर से परिवार को सूचना दी गई कि सार्थक जहाज पर मौजूद नहीं है और उसकी तलाश की जा रही है. बताया जा रहा है कि जहाज जब समुद्र में था, उसी दौरान सार्थक लापता हो गया. यह जहाज मॉरीशस से सिंगापुर की ओर जा रहा था.

ओडिशा का मर्चेंट नेवी ऑफिसर सार्थक महापात्रा मॉरीशस के पास जहाज से लापता हो गया है. (फाइल फोटो)
भुवनेश्वर. ओडिशा के भद्रक जिले में मातम और सन्नाटा पसरा है. 23 साल का मर्चेंट नेवी ऑफिसर सार्थक महापात्रा मॉरीशस के पास समुद्र में तैनात जहाज से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है. सार्थक के अचानक गायब होने से उनका परिवार सदमे में है और उन्हें किसी बड़ी अनहोनी या साजिश का डर सता रहा है. जहाज की कंपनी और कैप्टन की थ्योरी पर परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं और प्रधानमंत्री मोदी से लेकर विदेश मंत्रालय तक से तत्काल मदद की गुहार लगाई है.
जहाज पर उस रात क्या हुआ? कैप्टन की कहानी पर सवाल
सार्थक ‘ईए जर्सी’ (EA Jersey) जहाज पर डेक कैडेट था. 2 फरवरी की रात सब ठीक था, लेकिन अगली सुबह वह गायब हो गया. जहाज के कैप्टन देवाशीष पटनायक ने परिवार को बताया कि सार्थक सुबह 6:10 बजे अपने कमरे में गया था. जब सुबह 8 बजे उसे नाश्ते के लिए बुलाया गया, तो वह गायब था. सार्थक की मां ने इस दावे को झूठा बताया है.
उनका कहना है कि मर्चेंट नेवी में ब्रेकफास्ट कमरे में नहीं किया जाता. अगर कोई बीमार हो तभी खाना कमरे में जाता है. तो फिर उसे कमरे में ब्रेकफास्ट के लिए क्यों ढूंढा गया? लापता होने से ठीक पहले रात में सार्थक ने परिवार से वीडियो कॉल पर बात की थी. वह बिल्कुल सामान्य और खुश था. ऐसे में आत्महत्या या डिप्रेशन का सवाल ही नहीं उठता.
शिप कंपनी बार-बार बदल रही बयान
सार्थक को ‘एंग्लो ईस्टर्न’ (Anglo-Eastern) कंपनी ने रिक्रूट किया था. सार्थक के दोस्त शाश्वत महालिक ने कंपनी की भूमिका को संदिग्ध बताया है. परिवार का आरोप है कि शिप कंपनी बार-बार अपने बयान बदल रही है. कभी कुछ कहा जाता है, तो कभी कुछ.
डाटा देने में आनाकानी: परिवार लगातार सीसीटीवी (CCTV) और वीजीआर (VDR) डाटा मांग रहा है, लेकिन कंपनी का कहना है कि जहाज के डॉक (किनारे) पर पहुंचने तक डाटा नहीं निकाला जा सकता. यह टालमटोल संदेह को और गहरा कर रही है.
सिर्फ कमरा छोड़ते दिखा: कंपनी ने एक ईमेल में बताया कि सार्थक कमरे से बाहर जाते दिखा है, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, इसका कोई जवाब नहीं है.
सरकार से उम्मीद, सांसद और सीएमओ एक्टिव
परिवार ने हार नहीं मानी है. स्थानीय सांसद ने विदेश मंत्रालय को पूरी जानकारी दी है. मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी परिवार से संपर्क किया है. अब सबकी निगाहें केंद्र सरकार पर टिकी हैं कि वे कैसे दबाव बनाकर कंपनी से सच उगलवाते हैं और सार्थक को वापस लाते हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

