रायपुर। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को तपस्या बताते हुए वरिष्ठ आईएएस डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि बिना त्याग, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता संभव नहीं है। वे शनिवार को रायपुर स्थित लोकायन भवन, रजबंधा मैदान में उड़ान आईएएस एकेडेमी द्वारा आयोजित करियर गाइडेंस सेमिनार में युवाओं को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. भारतीदासन ने कहा कि यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है और यह अभ्यर्थियों से एक अलग तरह की तैयारी व दृष्टिकोण की मांग करती है।
उन्होंने बताया कि सिलेबस की समझ, ऑप्शनल विषय का चयन और इंटरव्यू की तैयारी—तीनों चरणों में संतुलित रणनीति बेहद जरूरी है। यह परीक्षा केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के हर आयाम को निखारती है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने मानसिक मजबूती को सफलता की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान असफलता, निराशा और भावनात्मक उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने से ही सफलता मिलती है।
सेमिनार के दौरान उन्होंने वर्तमान पीढ़ी को “जेन-जी” कहकर संबोधित किया, जिससे युवाओं में उत्साह दिखा। छात्रों ने उनसे उनकी आईएएस यात्रा, चुनौतियों और प्रशासनिक जीवन से जुड़े अनुभवों पर सवाल किए, जिनका उन्होंने सहजता से जवाब दिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं के साथ यूपीएससी फैकल्टी डॉ. योगेश्वर मिश्रा, एम.एम. आलम और निखिल अग्रवाल मौजूद रहे। संचालन खिलेश्वर रक्सेल ने किया।

