उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में 300 महिलाओं के धर्मांतरण का मामला सामने आया है, जिसका दावा पीड़िता द्वारा किया गया है. हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों की अभी तक पुष्टि नहीं की है. एसपी बस्ती अभिनंदन ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है, फिलहाल पीड़िता के दावे के समर्थन में अब तक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला है. उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच जारी है और आगे जो साक्ष्य मिलेंगे उनके आधार पर प्रभावशाली कार्रवाई करवाई जाएगी.
बस्ती कांड का क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में AIMIM से जुड़े नेता अजफरुल हक उर्फ प्रिंस पर गंभीर आरोपों वाला मामला दर्ज हुआ है. शिकायत में कहा गया है कि वह खुद को हिंदू बताकर लड़कियों से दोस्ती करता था, उन्हें प्रेम संबंध में फंसाता था और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाता था. पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने प्रिंस समेत आठ लोगों के खिलाफ गैंगरेप और जबरन धर्मांतरण से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया है. मुख्य आरोपी को मुंबई के बांद्रा इलाके से पकड़कर जेल भेज दिया गया है.
क्या है महिला का दावा?
कलवारी थाना क्षेत्र की पीड़िता के अनुसार, उसकी मुलाकात जनवरी 2022 में प्रिंस से हुई थी. उसने खुद को हिंदू बताया, हाथ में कलावा बांधा हुआ था और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया. आरोप है कि शादी का वादा कर उसके साथ संबंध बनाए गए. पीड़िता का कहना है कि जब वह शिकायत करने आरोपी के घर पहुंची तो वहां प्रिंस, उसके भाई और अन्य रिश्तेदारों ने मिलकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. विरोध करने पर परिवार को धमकाया गया और उसके भाई के अपहरण तक का आरोप लगाया गया है.
देश-विदेश तक भेजने की साजिश
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में यह भी दावा किया कि प्रिंस हिस्ट्रीशीटर है और उसके गिरोह ने सैकड़ों हिंदू लड़कियों को इसी तरीके से जाल में फंसाया. आरोप है कि पहचान छिपाकर संपर्क किया जाता था, आपत्तिजनक वीडियो बनाए जाते थे और फिर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला जाता था. शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ लड़कियों को देह व्यापार में धकेलने और देश-विदेश तक भेजने की साजिश रची जाती थी, जिसमें आरोपी के परिवार के लोग भी शामिल बताए गए हैं.
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