Tue. Feb 3rd, 2026

4 घंटे में दिल्ली से वाराणसी! 180 मिनट में बनारस से सिलीगुड़ी! बिहार की सूरत बदलेगी बुलेट ट्रेन


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यूनियन बजट 2026 में रेलवे को मिले रिकॉर्ड बजट के साथ भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क की रफ्तार तेज हो गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में सात नए हाई-स्पीड ट्रेन कॉरिडोर की घोषणा की, जिससे दिल्ली से वाराणसी का सफर महज 4 घंटे में पूरा हो जाएगा. अभी यह यात्रा 12-13 घंटे लेती है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बिहार में पहली बुलेट ट्रेन चलने जा रही है, जो वाराणसी से सिलीगुड़ी तक पटना होते हुए चलेगी. वैष्णव ने इसे बिहार के लिए “गेम-चेंजर” करार दिया. इस ट्रेन से वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर सिर्फ 180 मिनट (3 घंटे) में पूरा होगा.

बजट में रेलवे को 2,93,030 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) मिला है. ये अब तक का सबसे ज्यादा है. इस राशि से हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं को तेजी मिलेगी.

दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर के अलावा चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद को जोड़ने वाला साउथ हाई-स्पीड ट्रायंगल या डायमंड बनाया जाएगा. यह दक्षिण भारत में हाई-स्पीड रेल का सबसे बड़ा नेटवर्क होगा, जो आर्थिक विकास और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा.

वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन का रूट पटना से गुजरेगा. इससे बिहार के लोगों को काफी फायदा होने वाला है. वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन न केवल समय बचाएगी, बल्कि बिहार के पर्यटन, व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा देगी. सिलीगुड़ी रूट से पूर्वोत्तर राज्यों की कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी.

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पटना स्टॉप से पूर्वी भारत के कई शहरों को फायदा होगा. इस रूट पर ट्रेन की स्पीड 300-350 किमी/प्रति घंटा होगी, जो मौजूदा ट्रेनों से कई गुना तेज है. फिलहाल बिहार से होकर गुजरने वाली ट्रेनों की इतनी रफ्तार नहीं है. हालांकि, इसके लिए इंतजार करना होगा

रेल मंत्री ने बताया कि सात नए कॉरिडोर में दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी (पटना स्टॉप के साथ), और साउथ ट्रायंगल प्रमुख हैं. इन परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू होगा. दिल्ली-वाराणसी रूट पर बुलेट ट्रेन से समय में 70-75% की कमी आएगी. यात्रियों को कम समय में लंबी दूरी तय करने का मौका मिलेगा.

बजट में रेलवे के लिए इतनी बड़ी राशि का आवंटन विकास और सुरक्षा पर फोकस दिखाता है. वैष्णव ने कहा कि हाई-स्पीड ट्रेनें भारत को विश्व स्तर पर आगे ले जाएंगी. काशी विश्वनाथ, सारनाथ और गंगा घाट जैसे धार्मिक स्थलों तक देश की राजधानी से पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा. माना जा रहा है कि इस रूट पर यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ हो सकती है.

साउथ हाई-स्पीड डायमंड से चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के बीच यात्रा समय काफी कम हो जाएगा. यह तीनों शहरों के बीच आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाएगा. इस नेटवर्क से दक्षिण भारत के इन तीन बड़े महानगरों के बीच व्यापार और आवाजाही को नई रफ्तार मिलेगी.

यह घोषणा यात्रियों और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी सौगात है. हाई-स्पीड रेल से न केवल समय बचेगा, बल्कि ईंधन खपत और प्रदूषण भी कम होगा. बिहार में पहली बुलेट ट्रेन से राज्य की इमेज भी बदलेगी. क्या ये प्रोजेक्ट समय पर पूरे होंगे? रेलवे की तैयारी और बजट का पूरा इस्तेमाल होगा या नहीं, यह आने वाले समय में साफ होगा. फिलहाल, यात्रियों के लिए यह सपना सच होने की ओर बढ़ रहा है.

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दिल्ली टू वाराणसी और बनारस टू सिलीगुड़ी! बिहार से होकर गुजरेगी बुलेट ट्रेन

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