Tue. Feb 3rd, 2026

SIR का दर्द : बीजेपी तो खुद से परेशान थी, फ‍िर अख‍िलेश और ममता ने क्‍यों क‍िया वार?


Last Updated:

यूपी में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटने पर सियासी घमासान मच गया है. दिलचस्प यह है कि जिस मुद्दे पर बीजेपी खुद अपने गढ़ में घटते आंकड़ों से परेशान थी, अब उसी ‘वोटर लिस्ट’ को हथियार बनाकर अखिलेश यादव ने पलटवार कर दिया है. उन्होंने बीजेपी पर ‘फॉर्म 7’ के जरिए विपक्ष के वोट काटने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसने चुनाव आयोग को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है.

SIR : बीजेपी तो खुद से परेशान थी, फ‍िर अख‍िलेश-ममता ने क्‍यों क‍िया वार?Zoom

सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ, अख‍िलेश यादव और ममता बनर्जी.

स‍ियासत में अक्‍सर ऐसा नहीं होता क‍ि एक ही मुद्दे से पक्ष और व‍िपक्ष दोनों परेशान हों. लेकिन इस बार ऐसा हो रहा है. एसआईआर ने ऐसा दर्द द‍िया है क‍ि बीजेपी तो परेशान है ही, अब अख‍िलेश यादव और पश्च‍िम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी भी माथ पीट रहे हैं. तीनों दलों को लग रहा क‍ि उनके वोटर चुन चुनकर काटे जा रहे हैं, उनके साथ अन्‍याय हो रहा है. सबसे बड़ा अखाड़ा यूपी बन रहा है, जहां 2 करोड़ से ज्‍यादा लोगों के नाम वोटर ल‍िस्‍ट से गायब हो गए हैं. बीजेपी कह रही क‍ि इनमें से ज्‍यादातर वोट उन इलाकों में काटे गए हैं, जहां वे मजबूत हैं. तो अख‍िलेश और ममता की श‍िकायत भी यही है.

इस सियासी संग्राम की बुनियाद उस वक्‍त पड़ी जब एसआईआर पर चुनाव आयोग के आंकड़े आए. यह देखकर खुद बीजेपी की नींद उड़ गई. वोटर लिस्ट से करीब 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए थे. सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ ने सार्वजन‍िक तौर पर कहा, ये कैसे हो सकता है. बीजेपी का दावा है क‍ि सबसे ज्यादा नाम उन सीटों पर कटे हैं जो बीजेपी के अभेद्य किले माने जाते हैं. जैसे लखनऊ में 30 फीसदी वोटर गायब हो गए. प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 18 फीसदी वोटर घट गए तो सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर में 17.61% वोटर लिस्ट से बाहर हो गए हैं.

अखिलेश का ‘फॉर्म 7’ वाला दांव
जहां बीजेपी इसे प्रशासनिक चूक मान रही थी, वहीं अखिलेश यादव ने इसे साजिशन सफाई करार दिया है. उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि बीजेपी अपनी कमियों को छिपाने के लिए अब विपक्ष के वोट काटने का ‘खेल’ खेल रही है. अखिलेश का आरोप फॉर्म 7 के दुरुपयोग को लेकर है. यह वह फॉर्म है जिसे भरकर किसी वोटर का नाम लिस्ट से हटाने की अर्जी दी जाती है. सपा प्रमुख का दावा है कि बीजेपी कार्यकर्ता थोक में नक़ली ‘फॉर्म 7’ छपवा रहे हैं. वे खुद ही शिकायतकर्ता बन रहे हैं और खुद ही वोटर बनकर नकली दस्तखत कर रहे हैं ताकि पीडीए यानी पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक समाज के वोट काटे जा सकें. अखिलेश ने एक वीडियो भी शेयर किया जिसमें एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि उसके नाम से 63 ‘फॉर्म 7’ जमा किए गए, जबकि उसने ऐसा कुछ किया ही नहीं.

ममता बनर्जी की एंट्री
यह मामला सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं रहा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचकर ठीक यही मुद्दा उठाया. ममता बनर्जी ने शिकायत की है कि बंगाल में जानबूझकर उनकी पार्टी के समर्थकों के नाम काटे जा रहे हैं. उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश बताया है. अखिलेश और ममता का एक सुर में बोलना यह द‍िखाता है कि विपक्ष ने तय कर लिया है कि 2026-27 के चुनावों से पहले वोटर लिस्ट की विश्वसनीयता को ईवीएम से बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा.

About the Author

authorimg

Gyanendra Mishra

Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

homenation

SIR : बीजेपी तो खुद से परेशान थी, फ‍िर अख‍िलेश-ममता ने क्‍यों क‍िया वार?

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *