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जनकपुरी गड्ढा हादसा: CM रेखा गुप्ता ने जारी किया 8-पॉइंट सेफ्टी प्लान, मांगी खुदाई वाली साइटों की लिस्ट – delhi janakpuri excavation accident safety framework issued cm rekha gupta ntc ygmr


दिल्ली के जनकपुरी में खुदाई वाले गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार की मौत के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ऐसे हादसों को रोकने के लिए 8 बिंदुओं वाला सुरक्षा ढांचा जारी किया है. साथ ही उन्होंने तीन दिनों के भीतर शहर में चल रही सभी खुदाई वाली साइटों की सूची भी मांगी है.

दिल्ली सरकार के बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस हादसे को बेहद गंभीरता से लेते हुए सभी विभागों और एजेंसियों को तुरंत और तय समय में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो. उन्होंने खुदाई स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पर चिंता जताते हुए सख्त नियम लागू करने और अधिकारियों व ठेकेदारों की स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने को कहा है.

मुख्यमंत्री ने जारी किया मेमोरेंडम

मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य सचिव ने एक मेमोरेंडम जारी कर शहर में सड़कों, फुटपाथों और भूमिगत सुविधाओं से जुड़ी सभी खुदाई और निर्माण कार्यों में बिना किसी अपवाद के 8 बिंदुओं वाले सुरक्षा नियम लागू करने के आदेश दिए हैं.

इन निर्देशों के अनुसार, हर कार्यस्थल पर सभी दिशाओं से पर्याप्त दूरी पहले ही साफ और स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे. खुदाई वाले हिस्सों और बैरिकेड्स के आसपास खासकर रात और कम दृश्यता के समय रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकदार टेप लगाना अनिवार्य होगा.

‘लापरवाही से किसी की जान जाना स्वीकार नहीं’

मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही से किसी की जान जाना स्वीकार नहीं किया जा सकता. जनता की सुरक्षा से किसी भी हाल में समझौता नहीं होगा. जहां भी चूक मिलेगी, जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह निर्देश दिल्ली सरकार के अधीन सभी विभागों और एजेंसियों पर लागू होंगे, जिनमें पीडब्ल्यूडी, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी, एनडीएमसी, बिजली वितरण कंपनियां और अन्य सभी कार्यकारी एजेंसियां व ठेकेदार शामिल हैं.

मजबूत और साफ दिखाई देने वाली बैरिकेडिंग के निर्देश

सभी विभागों को पूरे कार्यस्थल के चारों ओर मजबूत, लगातार और साफ दिखाई देने वाली बैरिकेडिंग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पैदल चलने वालों, साइकिल चालकों और वाहनों की दुर्घटनावश एंट्री न हो सके. बैरिकेड इस तरह लगाए जाएं कि खुदाई की सामग्री या खुला गड्ढा राहगीरों को दिखाई न दे और धूल प्रदूषण भी न फैले.

निर्देश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नियमों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित फील्ड अधिकारियों के साथ-साथ कार्य करने वाली एजेंसियों और ठेकेदारों की भी होगी. इंजीनियर-इन-चार्ज और फील्ड इंजीनियरों को नियमित निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सुरक्षा उपाय पूरे काम के दौरान बनाए रखें.

‘तीन दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट’

समयबद्ध कार्रवाई के तहत सभी विभागों और संगठनों को दिल्ली में चल रहे और हाल ही में किए गए सभी खुदाई कार्यों की तुरंत समीक्षा करने के आदेश दिए गए हैं. तीन दिनों के भीतर इन स्थलों का विवरण, वहां लागू सुरक्षा उपायों और जहां कमी मिली वहां किए गए सुधार की जानकारी मुख्य सचिव कार्यालय को देनी होगी.

‘किसी भी तरह की अनदेखी या ढिलाई बर्दाश्त नहीं’

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसी भी तरह की अनदेखी, ढिलाई या निर्देशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा. अगर लापरवाही से कोई हादसा, चोट या मौत होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ नियमों के तहत सख्त विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. सभी विभागों को अपने अधीनस्थ कार्यालयों, फील्ड अधिकारियों और एजेंसियों को तुरंत निर्देश जारी कर हर साइट पर इन सुरक्षा उपायों की सख्ती से निगरानी करने को भी कहा गया है.

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