Wed. Feb 11th, 2026

ईटीएफ के प्रति निवेशकों का बढ़ा रुझान, जनवरी में दोगुना से ज्यादा हुआ निवेश


नई दिल्ली। सोना और चांदी की कीमत में हाल के दिनों में आई जोरदार गिरावट के बावजूद गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ के प्रति निवेशकों के रुझान में कमी नहीं आई है। जनवरी के महीने में निवेशकों ने गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ को मिला कर कुल 33,513 करोड़ रुपये का निवेश किया।

हालांकि इसी अवधि में निवेशकों ने इक्विटी म्युचुअल फंड्स में 24,013 करोड़ रुपये लगाए। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों में बताया गया कि जनवरी के महीने में गोल्ड ईटीएफ में कुल 24,050 करोड़ रुपये का निवेश आया।

इसके पहले दिसंबर 2025 के दौरान गोल्ड ईटीएफ में कुल 11647 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। इस तरह जनवरी के महीने में गोल्ड ईटीएफ में दिसंबर की तुलना में दो गुना से भी अधिक निवेश हुआ। इसी तरह जनवरी के महीने में निवेशकों ने सिल्वर ईटीएफ में कुल 9,463 करोड़ रुपये का निवेश किया।

एएमएफआई के आंकड़ों के अनुसार जनवरी के महीने में थीमेटिक और इंडेक्स ईटीएफ में भी निवेशकों ने जम कर निवेश किया। थीमेटिक और इंडेक्स ईटीएफ में जनवरी के महीने में 15,006 करोड़ रुपये का निवेश आया, जबकि दिसंबर के महीने में इसमें कुल 13,199 करोड़ रुपये का निवेश आया था।

अगर इक्विटी म्युचुअल फंड्स में जनवरी के महीने में हुए निवेश की बात करें, तो लार्ज कैप फंड्स में 2,005 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जबकि दिसंबर में इसमें 1,567 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। दूसरी ओर, मिडकैप फंड्स में जनवरी महीने के दौरान निवेश घट कर 3,185 करोड़ रुपये और स्मॉल कैप फंड्स में निवेश कम होकर 2,942 करोड़ रुपये रह गया।

हालांकि जनवरी महीने के दौरान सेक्टोरल फंड्स में निवेशकों ने जनवरी के महीने में 1,043 करोड़ रुपये का निवेश किया। इसके पहले दिसंबर के महीने में सेक्टोरल फंड्स में कुल 946 करोड़ रुपये का निवेश आया था।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले कुछ दिनों के दौरान सोना और चांदी की कीमत में गिरावट आने के बावजूद सेफ इन्वेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट के रूप में इसकी महत्ता बनी हुई है। गोल्ड और सिल्वर की चमक ने दुनिया भर के निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू बाजार तक सोना और चांदी की मांग में तेजी आई है। इसी तरह गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ के प्रति भी निवेशकों का रुझान बढ़ा है। सिर्फ जनवरी के महीने में ही गोल्ड ईटीएफ में जितना निवेश आया है, वो देश में इसके कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) का 12.5 प्रतिशत है।

अरिहंत गोल्ड एंड इन्वेस्टमेंट के सीईओ विपुल जैन के अनुसार मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता, स्टॉक मार्केट में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार में बने असंतुलन की वजह से निवेशकों के बीच सोना और चांदी का रुझान बढ़ा है। विपुल जैन के अनुसार लिमिटेड सप्लाई ग्रोथ और जियो-पॉलिटिकल रिस्क की वजह से सोना और चांदी की मांग को लगातार सपोर्ट मिल रहा है।

इसके साथ ही कई देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा भी सोने की खरीदारी की जा रही है। ऐसा होने की वजह से इस चमकीली धातु की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लगातार तेज हुई है, जिसका असर घरेलू सर्राफा बाजार और वायदा बाजार में भी नजर आ रहा है। गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भी इसी वजह से लगातार तेजी का रुख बना हुआ है।

 

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