Wed. Feb 11th, 2026

‘भारत से मजबूत संबंध नहीं’, अमेरिका ने खारिज कर दिया गुरुग्राम के कारोबारी का वीजा, बताई ऐसी वजह, पीट लेंगे माथा


दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक उद्यमी का अमेरिकी वीजा आवेदन खारिज किए जाने का मामला इन दिनों खूब चर्चा में है. एआई बेस्ड मैचमेकिंग प्लेटफॉर्म नॉट डेटिंग (Knot Dating) के को-फाउंडर और सीईओ जसवीर सिंह का वीजा अमेरिकी इमिग्रेशन क़ानून की धारा 214(b) के तहत यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया गया कि उनके ‘भारत से मजबूत संबंध नहीं हैं’.

जसवीर सिंह ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर यह जानकारी शेयर की है. सिंह ने लिखा, ‘लगता है कि भारत में कंपनी बनाना, रोजगार देना और टैक्स भरना यह साबित करने के लिए काफी नहीं है कि मैं वापस लौटूंगा.’ उन्होंने अमेरिकी दूतावास से वीजा मूल्यांकन के मानकों की समीक्षा करने की अपील की और कहा कि ‘इरादे’ की व्याख्या पर गंभीरता से दोबारा विचार होना चाहिए.

वहीं न्यूज18 की सहयोगी वेबसाइट मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने बताया कि वह पिछले 13 वर्षों से भारत में अपना कारोबार चला रहे हैं, यहां लोगों को रोजगार देते हैं और नियमित रूप से टैक्स भी अदा करते हैं. उनका कहना है कि इसके बावजूद उन्हें ‘कमजोर संबंध’ वाला आवेदक मानना हैरान करने वाला है.

सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी सफाई

कुछ लोगों ने आशंका जताई कि वीजा अधिकारियों ने उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाला होगा. इस पर जसवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी कोई पोस्ट डिलीट नहीं की है और न ही वह अमेरिका या एनआरआई समुदाय को लेकर कुछ खास लिखते हैं. उन्होंने कहा, ‘जैसे आम लोग कभी-कभार राय साझा करते हैं, वैसा ही मेरा सोशल मीडिया इस्तेमाल है. मेरी सभी पोस्ट सार्वजनिक हैं.’

‘मेरा नुकसान नहीं, सिस्टम पर सवाल’

जसवीर सिंह का कहना है कि वीजा खारिज होने से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर कोई बड़ा झटका नहीं लगा, क्योंकि उनकी तत्काल यात्रा की योजना नहीं थी. हालांकि, उन्हें इस फैसले के व्यापक असर की चिंता है. उन्होंने कहा, ’13 साल से भारत में कारोबार कर रहे किसी व्यक्ति को ‘कमजोर संबंध’ वाला कहना यह दिखाता है कि भारतीय उद्यमियों को वैश्विक स्तर पर कैसे देखा जा रहा है.’

उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति का मामला न बताते हुए कहा कि यह भारत के पासपोर्ट और पेशेवर विश्वसनीयता से जुड़ा मुद्दा है, जिस पर विदेश मंत्रालय (MEA) को नीतिगत स्तर पर ध्यान देना चाहिए.

अपील का विकल्प नहीं, दोबारा देना होगा आवेदन

धारा 214(b) के तहत वीजा खारिज होने पर अपील का कोई प्रावधान नहीं होता, हालांकि आवेदक दोबारा आवेदन कर सकता है. जसवीर सिंह ने कहा कि फिलहाल उन्होंने यह तय नहीं किया है कि वह फिर से आवेदन करेंगे या नहीं. उनके पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने ऐसे ही अनुभव साझा किए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह कोई अकेला मामला नहीं हो सकता.

बेंगलुरु के स्टार्टअप फाउंडर का भी ऐसा ही अनुभव

इससे पहले मनीकंट्रोल ने बेंगलुरु के एक स्टार्टअप फाउंडर का मामला भी सामने रखा था, जिनका वीजा यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि भारत में उनके पर्याप्त वित्तीय संबंध नहीं हैं. जबकि वह अपने स्टार्टअप में कमाई दोबारा निवेश कर रहे थे और कम वेतन ले रहे थे. उनका कहना था कि शुरुआती दौर के कई उद्यमियों की यही हकीकत होती है, जिसे वीजा मूल्यांकन में नजरअंदाज कर दिया जाता है.

सोशल मीडिया पर नाराजगी

जसवीर सिंह के पोस्ट के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अमेरिकी वीजा प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई. किसी ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट इंडिया में काम करने के बावजूद उनका वीजा खारिज हुआ, तो किसी ने दावा किया कि हाल के महीनों में भारतीय आवेदकों के लिए मंजूरी की दर बेहद कम रही है.

इन घटनाओं के बाद यह बहस तेज हो गई है कि क्या अमेरिकी वीजा नियम भारतीय उद्यमियों और पेशेवरों की जमीनी हकीकत को सही तरीके से समझ पा रहे हैं या नहीं.

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