इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू बुधवार को व्हाइट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उनका मुख्य एजेंडा ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर कड़ा रुख अपनाने के लिए ट्रंप पर दबाव बनाना था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि बातचीत में ऊर्जा और नियामक ढील के मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
यह नेतन्याहू और ट्रंप की सत्ता में लौटने के एक साल बाद छठी मुलाकात है। इस बीच फलस्तीनी समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक छोटे ग्रुप ने व्हाइट हाउस के पास इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन किया।
#WATCH | PM of Israel, Benjamin Netanyahu, reaches The White House in Washington, DC to meet the US President Donald Trump. pic.twitter.com/fIrc8ymD31
— ANI (@ANI) February 11, 2026
इससे पहले अक्टूबर में यरुशलम में भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी, जब ट्रंप ने गाजा में युद्धविराम की घोषणा की थी। यह नई मुलाकात ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में हुई बातचीत के कुछ दिनों बाद हो रही है, जिसके बाद ट्रंप ने बातचीत के एक और दौर की घोषणा की थी। इस मुलाकात के दौरान वेस्ट बैंक में इजरायल के कब्जे को कड़ा करने के उपायों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहे आक्रोश पर भी ध्यान रखा जा सकता है। इस प्रक्रिया में बसने वालों को फलस्तीनी मालिकों से सीधे जमीन खरीदने की अनुमति दी जा रही है। हालांकि, वेस्ट बैंक के किसी भी विलय के ट्रंप के पूर्व विरोध के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि इस मुद्दे पर बातचीत होगी या नहीं।
ईरान मुद्दे पर ट्रंप से बात करेंगे नेतन्याहू
मंगलवार को वॉशिंगटन रवाना होते समय नेतन्याहू ने कहा कि वे ट्रंप से मुलाकात में ईरान के साथ अमेरिका की परमाणु वार्ता पर अपना रुख रखेंगे। ‘द टाइम्स ऑफ इस्राइल’ के अनुसार उड़ान भरने से पहले नेतन्याहू ने मीडिया से कहा, ‘मैं राष्ट्रपति के सामने वार्ता को लेकर अपने सिद्धांतों और दृष्टिकोण को पेश करूंगा।’ उन्होंने आगे कहा कि ये सिद्धांत न सिर्फ इस्राइल के लिए बल्कि दुनिया के हर उस देश के लिए अहम हैं, जो शांति और सुरक्षा चाहता है।

