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Investment Tips : शेयर बाजार में जारी उठापटक के बीच निवेशक ऐसे विकल्प की तलाश में हैं, जिसका रिटर्न स्टॉक्स से बेहतर हो और उस पर जोखिम भी कम रहे. आईसीआईसीआई प्रू के बिजनेस साइकिल फंड ने पिछले एक साल में 18 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है, जबकि तीन साल में यह रिटर्न करीब 23 फीसदी पहुंच जाता है.

मल्टी एसेट फंड ने पिछले तीन साल में 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है.
नई दिल्ली. करीब एक साल से शेयर बाजार के खराब प्रदर्शन के बावजूद बिजनेस साइकल फंडों ने 18 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है. इन फंडों ने तीन और पांच साल में भी सेंसेक्स और निफ्टी की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है. ये फंड मुख्य रूप से ओपन एंडेड इक्विटी स्कीम होते हैं और व्यावसायिक चक्र पर आधारित निवेश का तरीका अपनाते हैं. वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के बिजनेस साइकल फंड ने एक साल में 18.12 फीसदी और तीन साल में 22.82 फीसदी का रिटर्न दिया है. कोटक के फंड ने 10.48 और 17.80 फीसदी और एचडीएफसी की इसी स्कीम ने 8.59 और 14.97 फीसदी का रिटर्न दिया है.
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के बिजनेस साइकल फंड ने विभिन्न बाजार स्थितियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. इसका उद्देश्य व्यावसायिक चक्र के मौजूदा चरण के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों और विषयों में अवसरवादी रूप से निवेश करना है, ताकि दीर्घकालिक पूंजी वृद्धि हासिल की जा सके. आईप्रू की इस स्कीम को पांच साल पूरे हो गए हैं. अगर लॉन्च होने के समय किसी ने एक लाख का निवेश किया होता तो अब तक 2.51 लाख रुपये हो जाता. निफ्टी-500 टीआरआई में यही रकम 2.06 लाख रुपये हुई है.
एसआईपी में भी शानदार प्रदर्शन
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के बिजनेस साइकल फंड की एसआईपी के प्रदर्शन की बात करें तो शुरुआत से ही हर महीने 10,000 रुपये का निवेश करने पर 31 जनवरी, 2026 तक कुल रकम बढ़कर लगभग 9.74 लाख रुपये हो गई है यानी 18.47% की दर से सालाना चक्रवृद्धि रिटर्न मिला है. इस दौरान वास्तवित निवेश 6.10 लाख रुपये किया गया है. निफ्टी-500 टीआआई में यह रिटर्न 13.11 फीसदी का रहा है.
कैसे काम करता है यह फंड
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल के बिजनेस साइकल फंड की योजना एक टॉप-डाउन निवेश दृष्टिकोण का अनुसरण करती है, जो विकास के रुझान, मुद्रास्फीति, ब्याज दरें, राजकोषीय गतिशीलता और वैश्विक आर्थिक स्थितियों जैसे कई आर्थिक संकेतकों द्वारा निर्देशित है. मौजूदा व्यावसायिक चक्र के आकलन के आधार पर, एएमसी उपयुक्त क्षेत्रों और थीमों की पहचान करती है, जिसके बाद उन क्षेत्रों के भीतर शेयरों का चयन किया जाता है.
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी एस. नरेन कहते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा स्वाभाविक रूप से चक्रीय है. व्यावसायिक चक्र के विकास के साथ इक्विटी नेतृत्व में बदलाव होता रहता है. 31 जनवरी, 2026 तक इस स्कीम का 80 फीसदी निवेश उन क्षेत्रों में हुआ है जिनसे आर्थिक गतिविधियों में सुधार से लाभ होने की उम्मीद है. वित्तीय क्षेत्र मुख्य है जिन्हें ऑटोमोबाइल, निर्माण और चुनिंदा औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश का समर्थन प्राप्त है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें

