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Parliament Budget Session LIVE | राहुल गांधी के भाषण के कुछ शब्‍द रिकॉर्ड से हटाए गए, स्‍पीकर से शिकायत के बाद एक्‍शन | Parliament Budget Session 2026 LIVE today government opposition takraav congress bjp rahul gandhi nishikant dubey akhilesh yadav


Parliament Budget Session LIVE: केंद्रीय संसदीय राज्‍य मंत्री किरेण रिजीजू ने एक वीडियो जारी कर विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है. संसद परिसर में अनुशासन और मर्यादा को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है. केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के 20-25 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के कक्ष में जबरन प्रवेश किया, उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और प्रधानमंत्री के खिलाफ धमकी भरे बयान दिए. बीजेपी का कहना है कि इस दौरान एक कांग्रेस सांसद ने अवैध रूप से वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बीजेपी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पार्टी संसद में बहस और चर्चा की लोकतांत्रिक परंपरा में विश्वास करती है और किसी भी प्रकार की शारीरिक धमकी या दबाव की राजनीति को बढ़ावा नहीं देती. बयान में यह भी कहा गया कि कांग्रेस सांसदों के व्यवहार से संसदीय गरिमा को ठेस पहुंची है और यह संसदीय मर्यादाओं का गंभीर उल्लंघन है.

संसद की कार्यवाही से जुड़े पल-पल के अपडेट्स

Parliament LIVE: सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों को कार्यवाही से हटा दिया गया है. बताया जा रहा है कि कुछ सांसदों ने स्पीकर कार्यालय को लिखित रूप से सूचित कर भाषण के अन्य अंशों पर भी आपत्ति जताई है. इन सांसदों का कहना है कि कुछ टिप्पणियां संसदीय मर्यादा के खिलाफ हैं. सूत्रों के अनुसार, स्पीकर कार्यालय शेष विवादित अंशों को हटाने पर भी विचार कर रहा है. इस मामले को लेकर संसद में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विपक्ष तथा सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.

Parliament LIVE: संसद में जारी गतिरोध के बीच भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव नोटिस दिया है. दुबे ने स्पष्ट किया कि यह विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि राहुल गांधी के कथित विदेशी संगठनों से संपर्क और विदेश यात्राओं को लेकर सवाल उठाए गए हैं. उन्होंने राहुल गांधी पर देश विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप लगाते हुए उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से रोकने की मांग की है. यह घटनाक्रम राहुल गांधी के उस बयान के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को पूर्ण आत्मसमर्पण करार दिया था. बजट पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि इस समझौते से देश की ऊर्जा सुरक्षा और किसानों के हितों से समझौता हुआ है. भाजपा ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है.

Parliament LIVE: संसद में सत्‍ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी टकराव खत्‍म होने का नाम नहीं ले रहा है. अब किरेण रिजीजू ने सोशल मीडिया में एक वीडियो जारी कर विपक्षी दलों के सदस्‍यों पर स्‍पीकर के साथ गलत भाषा का इस्‍तेमा करने का आरोप लगाया है. वहीं, 12 फरवरी 2026 को जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी दलों ने पहले की ही तरह फिर से हंगामा करने लगे. इसके बाद संसद के निचले सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्‍थगित करना पड़ा.

विपक्ष पर गंभीर आरोप

बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि अगर उस समय पार्टी ने अपने सांसदों, विशेषकर महिला सांसदों को संयम बरतने के लिए नहीं रोका होता तो स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती थी और संसद परिसर में अप्रिय दृश्य सामने आ सकता था. पार्टी ने दावा किया कि उसने संसद की गरिमा और संस्था की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए जिम्मेदार रवैया अपनाया. विवाद की जड़ में कांग्रेस सांसदों का वह कथित वीडियो क्लिप बताया जा रहा है, जिसे अवैध रूप से रिकॉर्ड किया गया करार दिया है. पार्टी का कहना है कि यह वीडियो न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे संसद जैसे संवैधानिक संस्थान की गरिमा भी प्रभावित होती है. बीजेपी ने इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

टकराव जारी

कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि सांसदों ने संसदीय मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की थी और लगाए गए आरोप एकतरफा हैं. कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए विपक्ष पर आरोप मढ़ रही है. संसद में हाल के दिनों में बढ़ते टकराव और तीखी बयानबाजी के बीच यह घटना दोनों पक्षों के बीच तनाव को और गहरा कर सकती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे विवाद न केवल संसद की कार्यवाही को प्रभावित करते हैं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद की परंपरा पर भी सवाल खड़े करते हैं.

घटनाक्रम की समीक्षा

इस बीच संसदीय कार्य मंत्रालय और लोकसभा सचिवालय की ओर से घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित सांसदों के खिलाफ आचार संहिता के तहत कार्रवाई की जा सकती है. फिलहाल, यह मामला संसद की गरिमा, सांसदों के आचरण और लोकतांत्रिक संस्थाओं की मर्यादा से जुड़े बड़े सवाल खड़े कर रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों पक्ष इस मुद्दे पर किस तरह का रुख अपनाते हैं और क्या संसद के भीतर संवाद और संयम की परंपरा बहाल हो पाती है.

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