‘साझा बयान ही समझौते का मुख्य आधार’, भारत-US ट्रेड डील पर MEA ने साफ की तस्वीर
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MEA On India-US Trade Deal: विदेश मंत्रालय ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि 7 फरवरी का साझा बयान ही समझौते का फ्रेमवर्क है. अमेरिकी फैक्ट शीट में संशोधन दोनों देशों की आपसी समझ का हिस्सा हैं. इसके साथ ही एमईए ने बताया कि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों 18-22 फरवरी के बीच एआई (AI) सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आएंगे.

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल.
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) ने अहम स्पष्टीकरण जारी किया है. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते (Interim Agreement) के ढांचे को लेकर सहमति बन गई है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 7 फरवरी 2026 को जारी किया गया साझा बयान (Joint Statement) ही इस समझौते का मुख्य आधार है. अमेरिकी ‘फैक्ट शीट’ में हाल ही में किए गए संशोधनों पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये बदलाव साझा समझ को ही दर्शाते हैं. अब दोनों देश इस फ्रेमवर्क को जमीन पर उतारने और अंतरिम समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने पर काम करेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत को गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए अमेरिका से निमंत्रण मिला है. भारत इस प्रस्ताव को एग्जामिन कर रहा है.
AI सम्मेलन के लिए भारत आएंगे लूला और मैक्रों
व्यापार चर्चाओं के साथ-साथ भारत में होने वाला एआई (AI) सम्मेलन भी चर्चा में है. विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा 18 से 22 फरवरी के बीच भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे. उनके साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचेंगे. यह दौरा वैश्विक स्तर पर तकनीक और कूटनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
MEA ने बताया कि नई दिल्ली में होने जा रही AI समिट में स्पेन, फिनलैंड, एस्टोनिया, नीदरलैंड्स, स्वीडन, भूटान, स्विट्जरलैंड, ब्राजील, फ्रांस, ग्रीस, स्लोवाक रिपब्लिक समेत करीब 20 देशों के राष्ट्र प्रमुख हिस्सा लेंगे. 20 देशों के प्रमुखों के अलावा कई देशों का प्रतिनिधिमंडल भी हिस्सा लेगा.
बांग्लादेश में ‘फ्री और फेयर’ चुनाव चाहता है भारत
पड़ोसी देश बांग्लादेश में वोटिंग खत्म होने के बाद भारत ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमें अभी चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए ताकि पता चल सके कि जनता ने क्या जनादेश दिया है. उन्होंने साफ किया कि भारत हमेशा से बांग्लादेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और विश्वसनीय चुनाव का पक्षधर रहा है और नतीजों के बाद ही आगे के मसलों पर विचार किया जाएगा.
सुरक्षा के मोर्चे पर भारत और कनाडा के बीच भी एक अहम प्रगति हुई है. एनएसए अजीत डोभाल की ओटावा यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सुरक्षा मामलों में बेहतर तालमेल के लिए ‘लायजन ऑफिसर’ नियुक्त करने पर सहमति जताई है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम सूचनाओं के सुचारू प्रवाह और सुरक्षा समन्वय को मजबूत करने के लिए उठाया गया है. वहीं रूस-यूक्रेन विवाद पर भारत ने एक बार फिर दोहराया कि वह शांति और कूटनीति के पक्ष में है.
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दीपक वर्मा (Deepak Verma) एक पत्रकार हैं जो मुख्य रूप से विज्ञान, राजनीति, भारत के आंतरिक घटनाक्रमों और समसामयिक विषयों से जुडी विस्तृत रिपोर्ट्स लिखते हैं. वह News18 हिंदी के डिजिटल न्यूजरूम में डिप्टी न्यूज़…और पढ़ें

