Fri. Feb 13th, 2026

आयुष्मान योजना में डेंटल इंप्लांट बाहर, जिला अस्पताल में गरीबों के लिए सुविधा ठप


धमतरी। जिला अस्पताल में गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए दांत प्रत्यारोपण (डेंटल इंप्लांट) की सुविधा पूरी तरह बंद हो गई है। पहले स्मार्ट कार्ड योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को नए दांत लगवाने की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन आयुष्मान कार्ड लागू होने के बाद यह सेवा सूची से बाहर कर दी गई।

इसका सीधा असर गरीब मरीजों पर पड़ा है, जिन्हें अब मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। निजी क्लीनिकों में एक दांत लगवाने पर पांच से छह हजार रुपये तक खर्च आ रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अंचल से मरीज दांत संबंधी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं।

दुर्घटना, बीमारी या अन्य कारणों से दांत खो चुके कई मरीज कृत्रिम दांत लगवाने की जरूरत बताते हैं। पहले स्मार्ट कार्ड के माध्यम से उनका उपचार संभव हो जाता था, लेकिन अब सुविधा बंद होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। जिला अस्पताल की दंत चिकित्सक डॉ. पूजा चंद्राकर ने बताया कि गरीब मरीजों की परेशानी को देखते हुए दांत प्रत्यारोपण सेवा पुनः शुरू करने की मांग की गई है।

तीन बार प्रस्ताव भेजा गया, हर बार शासन स्तर से टेंडर जारी करने की प्रक्रिया का आश्वासन मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। स्वास्थ्य सेवाओं में आई इस कमी से गरीब वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। सामाजिक संगठनों और मरीजों ने मांग की है किआयुष्मान योजना के अंतर्गत दांत प्रत्यारोपण को भी शामिल किया जाए, ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके और उन्हें महंगे निजी इलाज की मजबूरी से निजात मिल सके।

 

 

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *