‘जुबान चलाने से जीत नहीं मिलती’, CDS जनरल चौहान की पाकिस्तान को नसीहत
Last Updated:
CDS जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को पड़ोसी देश पाकिस्तान का नाम लिए बिना उस पर करारा हमला बोला. पुणे में ‘जय से विजय’ सेमिनार की शुरुआत करते हुए सीडीएस ने स्पष्ट किया कि युद्ध के मैदान में जीत केवल खोखले दावों या भाषणबाजी से हासिल नहीं होती, बल्कि उसके लिए ठोस सबूत और परिणाम देने पड़ते हैं.

सीडीएस अनिल चौहान. (फाइल फोटो)
पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले का बदला भारत ने किस तरह लिया, इसकी गूंज एक बार फिर सुनाई दी है. भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान को उसकी औकात याद दिलाते हुए साफ शब्दों में कहा कि युद्ध के मैदान में जीत केवल ‘जुबान चलाने’ या खोखली बयानबाजी से नहीं मिलती. उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वो चोट याद दिलाई, जिसका दर्द आज भी सीमा पार महसूस किया जा रहा है. पुणे में आयोजित ‘जय से विजय’ सेमिनार में जनरल चौहान ने दोटूक लहजे में कहा कि असली ‘विजय’ वह है जिसे सबूतों के साथ दुनिया के सामने पेश किया जाए, न कि वह जो केवल सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर नारों तक सीमित हो.
जनरल चौहान ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जीत की घोषणा केवल भाषणबाजी से नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा, रक्षा बलों के लिए जीत का मतलब केवल नारे लगाना नहीं है. हमारे पड़ोस में कुछ ऐसी संस्थाएं (पाकिस्तान) हैं जो केवल जुबान चलाना जानती हैं, लेकिन असली विजय वह है जिसे हमने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सबूतों के साथ प्रदर्शित किया. उन्होंने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए कहा कि जीत का एहसास तब होता है जब दुश्मन का आतंकी ढांचा जमींदोज हो जाता है, उसके रनवे तबाह हो जाते हैं, उसके एयरफील्ड्स पंगु पड़ जाते हैं और उसका एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाता है. ऐसी जीत ही लंबे समय तक कायम रहती है.
और भी ‘आक्रामक’ होगा भारत
सीडीएस ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अब केवल कूटनीतिक जवाबों तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने आने वाले 10 वर्षों के लिए भारतीय रक्षा रणनीति का खाका खींचते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियां और अधिक ‘जुझारू और हिंसक’ होने वाली हैं. जनरल चौहान ने चेतावनी दी कि आने वाला समय ‘टेक्नोलॉजी आधारित’ युद्धों का है, जहाँ भारत को और अधिक आक्रामक और सक्षम होना होगा. उन्होंने कहा कि हमें किसी मुगालते में रहने के बजाय भविष्य के खतरों का सटीक आकलन करना होगा ताकि हम दुश्मन को उसकी हर हरकत का वैसा ही जवाब दे सकें जैसा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिया गया था.
पाकिस्तान के लिए एक डरावना सच
जनरल चौहान का इशारा पिछले साल मई में की गई उस बड़ी कार्रवाई की तरफ था, जो 22 अप्रैल के पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी. उस समय भारतीय सेना ने सीमा पार घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड्स और पाकिस्तानी सेना के सहायक ढांचे को मटियामेट कर दिया था. जनरल चौहान ने साफ कर दिया कि भारत की ‘विजय’ केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह वह जमीनी हकीकत है जिसे पाकिस्तान ने अपनी आंखों से देखा है. जनरल अनिल चौहान का यह बयान पाकिस्तान के लिए एक सीधी चेतावनी है कि अगर वह अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आता, तो भारत फिर से ‘दस्तावेजी सबूतों’ के साथ उसकी बोलती बंद करने का दम रखता है.
About the Author
Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें

