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Bhupen Borah Quit Party: चुनाव से पहले असम में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोराह ने छोड़ी पार्टी


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चुनाव से पहले असम में कांग्रेस को झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने छोड़ी पार्टी

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Bhupen Borah Quit Party In Assam:असम में कांग्रेस को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है. पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने पार्टी छोड़ दी है. उन्होंने पार्टी के भीतर खुद की अनदेखी होने का आरोप लगाया है. वह 2021 से 2025 तक प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे.

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असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोहरा ने पार्टी छोड़ी दी है. फोटो- IANS

Bhupen Borah Quit Party In Assam: असम कांग्रेस को आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले करारा झटका लगा है. पूर्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोराह ने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने 32 वर्षों की लंबी राजनीतिक यात्रा के बाद पार्टी छोड़ने का फैसला किया है. बोराह ने कहा कि यह फैसला उन्होंने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए लिया गया है. भूपेन बोराह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने सुबह करीब 8 बजे अपना इस्तीफा पत्र पार्टी की केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है.

बोहरा ने कहा- मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. मैंने अपना इस्तीफा पत्र केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है. मैंने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए पार्टी छोड़ी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई आवेगी फैसला नहीं है, बल्कि लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया गया कदम है. बोराह ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व संगठनात्मक मामलों पर समय पर और निर्णायक फैसले नहीं ले पा रहा है. पार्टी में इतनी भ्रम की स्थिति है कि यह तय नहीं कर पा रही कि रैलियों में कौन शामिल हो और कौन नहीं.उन्होंने पार्टी की असंगठित स्थिति, समन्वय की कमी और आंतरिक मुद्दों की ओर इशारा किया, हालांकि उन्होंने किसी विशिष्ट नेता का नाम नहीं लिया.

भूपेन बोराह ने अपनी राजनीतिक जीवन की याद दिलाते हुए कहा कि मैंने कांग्रेस पार्टी को अपने जीवन के सुनहरे वर्ष समर्पित किए हैं. मैंने 32 साल पार्टी के लिए दिए. वे 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे. इस दौरान उन्होंने पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन मई 2025 में उनकी जगह लोकसभा सांसद गौरव गोगोई को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया.

बोहरा दो बार के विधायक रहे

बोराह दो बार के विधायक रह चुके हैं और बिहपुरिया सीट से चुनाव लड़ चुके हैं. इस्तीफे के पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं. सूत्रों के अनुसार, बोराह ने अपने इस्तीफा पत्र में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को संबोधित करते हुए केंद्रीय नेतृत्व द्वारा उन्हें नजरअंदाज करने और राज्य इकाई में उनका उचित सम्मान न दिए जाने की शिकायत की. कुछ रिपोर्ट्स में गौरव गोगोई की कथित उच्च-हस्तक्षेप, पक्षपात और पार्टी में नेतृत्व की अक्षमता का जिक्र है. पार्टी के भीतर टिकट वितरण और संगठनात्मक फैसलों को लेकर असंतोष लंबे समय से चल रहा था. ‘परिवर्तन यात्रा’ के दौरान दोनों नेताओं के बीच विवाद भी सामने आया था. यह इस्तीफा असम कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, जहां पार्टी पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों और नेतृत्व के सवालों से जूझ रही है.

2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस बीजेपी के मजबूत गढ़ को चुनौती देने की तैयारी कर रही है, लेकिन लगातार आंतरिक कलह से उसकी स्थिति कमजोर हो रही है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बोराह का जाना पार्टी में और असंतोष को बढ़ावा दे सकता है और आगे भी कुछ और नेता इस्तीफा दे सकते हैं. बोराह ने भविष्य की राजनीतिक योजना पर कहा कि वे अपने समर्थकों और शुभचिंतकों से विचार-विमर्श के बाद फैसला लेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्तीफा अंतिम है और वापस नहीं लिया जाएगा. असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है, हालांकि उन्होंने विस्तार से टिप्पणी नहीं की.

कांग्रेस की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों ने इस्तीफे की पुष्टि की है. पार्टी के वरिष्ठ नेता इसे नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं और बोराह से पुनर्विचार की अपील कर रहे हैं. हालांकि, यह स्पष्ट है कि असम में कांग्रेस की एकता पर सवाल खड़े हो गए हैं. यह घटना राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है.

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संतोष कुमार

न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें

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