विमान हादसों की जांच करने वाली एजेंसी विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने कहा है कि बरामती में हुए लियरजेट-45 प्लेन हादसे के ब्लैक बॉक्स (रिकॉर्डर) से डेटा निकालने के लिए खास तकनीकी मदद मांगी गई है। 28 जनवरी को बरामती में प्लेन क्रैश हुआ था। इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम रहे अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी। एएआईबी के अनुसार, विमान में दो रिकॉर्डर लगे थे। जिसमें पहला फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) और दूसरा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) था।
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ब्लैक बॉक्स की स्थिति
इस हादसे के बाद दोनों रिकॉर्डर आग में बुरी तरह जल गए थे। हालांकि डीएफडीआ का डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। लेकिन सीवीआर से डेटा निकालना मुश्किल है, इसलिए अमेरिका से तकनीकी मदद ली जा रही है (क्योंकि यह वहीं बना था)। एएआईबी ने लोगों से कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी तरह की अटकलें न लगाएं।
राजनीतिक विवाद और सरकार से सवाल
इम मामले में शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि ब्लैक बॉक्स का जल जाना रहस्यमय और गंभीर है। उन्होंने सरकार की नीयत पर भी सवाल उठाए। इसके साथ एनसीपी-एसपी नेता रोहित पवार ने कहा कि यह हादसा साजिश भी हो सकता है। उनके अनुसार, हादसे से पहले आखिरी 24 घंटे में यात्रा योजना अचानक बदली थी। पहले अजित पवार कार से पुणे जाने वाले थे, लेकिन अचानक विमान से जाने का फैसला हुआ।
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वहीं इस मामले पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा है कि हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जल्द जारी होगी। फिलहाल जांच अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत की जा रही है।
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