अगर आप यह सोच रहे हैं कि अब ठंड खत्म हो गई है और रजाई-कंबल समेटने का समय आ गया है, तो जरा रुक जाइए. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने साफ कर दिया है कि फरवरी के दूसरे हफ्ते में एक बार फिर ठंड जोर पकड़ सकती है. पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में ठंडी हवाएं तेज चल सकती हैं और इस कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है.
आईएमडी के मुताबिक, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तरी मध्य प्रदेश में रात और सुबह के समय ठंड बढ़ेगी. हाल के दिनों में मौसम थोड़ा स्थिर था, लेकिन अब एक बार फिर सर्दी की हल्की वापसी देखने को मिलेगी.
पंजाब से यूपी तक बारिश का अलर्ट
राजस्थान से लेकर बिहार तक, दिन में धूप तो निकलेगी लेकिन वह तेज नहीं होगी
दिन में धूप, लेकिन ठंडी रहेगी हवा
इंडो-गैंगेटिक मैदानों में, यानी राजस्थान से लेकर बिहार तक, दिन में धूप तो निकलेगी लेकिन वह तेज नहीं होगी. उत्तर से चलने वाली ठंडी हवाएं दिन के तापमान को संतुलित रखेंगी, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फरवरी के इस समय साफ आसमान और ठंडी हवाओं का ऐसा मेल सामान्य माना जाता है.
पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानों में बारिश का अलर्ट
- IMD ने 16 फरवरी तक कई चरणों में मौसम गतिविधि की चेतावनी दी है.
- 11 फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग से छिटपुट बारिश/बर्फबारी.
- 13 और 16 फरवरी: इन पहाड़ी राज्यों में फिर से अलग-अलग से बारिश/बर्फबारी.
- 16 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना.
दक्षिण भारत में बादलों की हलचल
बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक मौसम प्रणाली बन रही है, जिसका फिलहाल देश के मुख्य हिस्सों पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा. हालांकि इसके कारण दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छा सकते हैं. आने वाले दिनों में ये बादल धीरे-धीरे मध्य भारत की ओर बढ़ सकते हैं, लेकिन अभी के लिए दक्षिण, मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है.
तेज हवाओं का भी असर
IMD के अनुसार, प्रायद्वीपीय भारत में हवा की रफ्तार फिर से बढ़ने लगी है. इससे बादलों की संख्या थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन निकट भविष्य में किसी बड़ी बारिश की संभावना नहीं है. वहीं, दक्षिण-पूर्व और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
सवाल: क्या उत्तर भारत में फिर से ठंड बढ़ेगी?
जवाब: हां. पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में ठंडी हवाएं तेज होंगी और न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी.
सवाल: किन राज्यों में ठंड का ज्यादा असर दिखेगा?
जवाब: पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तरी मध्य प्रदेश में सुबह-शाम ठंड बढ़ेगी.
सवाल: क्या बारिश की भी संभावना है?
जवाब: हां. पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16 फरवरी को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है.
सवाल: पहाड़ी राज्यों में मौसम कैसा रहेगा?
जवाब: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 10 फरवरी को बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 13 और 16 फरवरी को भी हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार हैं.
सवाल: दिन के समय मौसम कैसा रहेगा?
जवाब: दिन में धूप रहेगी, लेकिन ठंडी हवाओं की वजह से ज्यादा गर्मी महसूस नहीं होगी. मौसम सुहावना बना रहेगा.
सवाल: क्या दक्षिण भारत में भी मौसम बदलेगा?
जवाब: बंगाल की खाड़ी में बन रही मौसम प्रणाली के कारण दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है.
सवाल: क्या रजाई-कंबल अभी समेटना ठीक रहेगा?
जवाब: नहीं. मौसम विभाग के मुताबिक ठंड अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, इसलिए रजाई-कंबल निकालकर रखें.
कुल मिलाकर कैसा रहेगा मौसम?
कुल मिलाकर देश में मौसम का मिजाज फरवरी के अंतिम शीतकालीन दौर जैसा ही रहेगा. उत्तर भारत में ठंडी हवाओं के साथ सुबह-शाम की ठंड बढ़ेगी, जबकि दिन में तापमान आरामदायक बना रहेगा. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम स्थिर और शुष्क रहेगा, लेकिन उत्तर भारत में सर्दी अभी पूरी तरह विदा नहीं ले रही है.

