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Ai Impact Summit 2026 Live:एआई समिट का Pm मोदी ने किया उद्घाटन, वैष्णव बोले- शुरू होगा क्रिएट इन इंडिया मिशन – Ai Impact Summit And Expo India 2026 Updates Pm Modi Global South Ai Conference Leaders Meet Digital India


08:08 PM, 16-Feb-2026

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो के बारे में जानें

पीएम मोदी ने स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत की और एआई आधारित नए समाधानों को देखा। यह एक्सपो 16 से 20 फरवरी तक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के साथ आयोजित हो रहा है और इसे ग्लोबल साउथ का पहला अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर सम्मेलन बताया गया है।

यह आयोजन एआई के व्यावहारिक उपयोग का राष्ट्रीय मंच है, जहां नीति, नवाचार और बड़े स्तर पर लागू तकनीक को एक साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। एक्सपो 70 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में बने 10 एरेना में फैला है। इसमें 300 से अधिक चुने हुए पवेलियन, 600 से ज्यादा उभरते स्टार्टअप और 13 देशों के पवेलियन शामिल हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी जैसे देश शामिल हैं।

समिट में 500 से ज्यादा सत्र और 3,250 वक्ता भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम को पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस तीन विषयों में बांटा गया है। इंडिया एआई मिशन के तहत 12 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल भी पेश किए जा रहे हैं, जो 22 भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करते हैं। आयोजन में ढाई लाख से ज्यादा आगंतुकों के पहुंचने की उम्मीद है।

07:25 PM, 16-Feb-2026

पीएम मोदी ने शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों से की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 के तहत लगी एआई प्रदर्शनी का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न पवेलियन में स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों से बातचीत कर अलग-अलग क्षेत्रों में एआई के उपयोग को देखा। यह एक्सपो 16 से 20 फरवरी तक एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित हो रहा है। इसे ग्लोबल साउथ का पहला अंतरराष्ट्रीय एआई शिखर आयोजन माना जा रहा है।

06:57 PM, 16-Feb-2026

जल्द शुरू होगा क्रिएट इन इंडिया मिशन- अश्विनी वैष्णव

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में केंद्रीय रेल और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार जल्द ‘क्रिएट इन इंडिया’ मिशन शुरू करेगी। यह उद्योग, रोजगार और भविष्य केंद्रित पहल होगी। इसका मकसद भारत को वैश्विक स्तर पर पसंदीदा प्लेटफॉर्म बनाना और भविष्य के लिए तैयार टैलेंट पाइपलाइन तैयार करना है।

 

06:38 PM, 16-Feb-2026

एआई समिट का पीएम मोदी ने किया उद्घाटन

पीएम मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन किया। यह एक्सपो एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग, स्टार्टअप नवाचार और डिजिटल समाधान को प्रदर्शित करने का बड़ा मंच है। इसमें देश-विदेश की कंपनियां और विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। एआई आधारित समाधान आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

06:17 PM, 16-Feb-2026

एआई के असर पर क्या बोले राणा दग्गुबाती?

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में अभिनेता राणा दग्गुबाती ने एआई पर बड़ा बयान दिया। एआई के असर पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तकनीक बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। जल्द ही हम सबको रिप्लेस कर सकती है। 

 

05:54 PM, 16-Feb-2026

डीपफेक पर सख्ती की तैयारी कर रहा भारत- केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एआई के दुरुपयोग, गलत सूचना और डीपफेक के खतरे पर चिंता जताई है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में उन्होंने कहा कि सरकार मीडिया में एआई के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कानूनी सुरक्षा ढांचा तैयार कर रही है। उन्होंने बताया कि डीपफेक और भ्रामक कंटेंट से निपटने के लिए भारत 30 से अधिक देशों के मंत्रियों के साथ तकनीकी और कानूनी समाधान पर बातचीत कर रहा है। सरकार एआई से बने कंटेंट पर वॉटरमार्क और लेबल अनिवार्य करने के लिए सख्त नियम लाने की दिशा में काम कर रही है।

 

05:47 PM, 16-Feb-2026

एआई अब जरूरत, विकल्प नहीं- संजीव सिंह

एआई समिट के मौके पर सीआईआई द्वारा आयोजित एआई आधारित स्टार्टअप कार्यक्रम की डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव सिंह ने सराहना की। उन्होंने कहा कि इस मंच पर देश के शीर्ष एआई स्टार्टअप हिस्सा ले रहे हैं, जो नवाचार की मजबूत तस्वीर दिखाता है। उनके अनुसार, एआई अब देश के लिए जरूरत बन चुका है। विश्लेषणात्मक एआई के क्षेत्र में भारत दुनिया में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि जैसे एक्सेल आने पर लोगों ने बदलाव का डर जताया था, वैसे ही एआई को लेकर भी भ्रम है, जबकि यह मानवता की मदद करेगा।

 

02:48 PM, 16-Feb-2026

AI अपनाने में देरी नहीं चलेगी, रोजगार से जोड़कर तुरंत कदम उठाए देश


भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन
– फोटो : ANI

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने सोमवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाना अपने आप नहीं होगा, इसके लिए स्पष्ट रणनीति और बड़े पैमाने पर रोजगार के साथ तकनीक को जोड़ने की प्रतिबद्धता जरूरी है।

AI इम्पैक्ट समिट 2026 को वर्चुअल संबोधन में उन्होंने कहा कि देशों को निर्णायक कदम उठाते हुए मजबूत शिक्षा व्यवस्था, उच्च गुणवत्ता वाले कौशल विकास, श्रम-प्रधान सेवा क्षेत्रों का विस्तार और नियामकीय बाधाओं को दूर करने पर ध्यान देना होगा। नागेश्वरन ने जोर देकर कहा कि AI को अपनाने की प्रक्रिया एक सहयोगात्मक प्रयास होनी चाहिए, जिसमें निजी क्षेत्र, अकादमिक जगत और नीति-निर्माताओं की संयुक्त भागीदारी जरूरी है। उन्होंने इसे “टीम इंडिया” का सामूहिक प्रयास बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि AI अपनाने का अवसर अभी खुला है, लेकिन यह हमेशा के लिए नहीं रहेगा, इसलिए तेजी और तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

02:34 PM, 16-Feb-2026

ग्रामीण मेडिकल कॉलेजों में ई-बुक्स और एआई संसाधन पहुंचाएगी सरकार, 57 कॉलेजों से होगी शुरुआत

सरकार मेडिकल छात्रों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए ई-बुक्स और एआई आधारित शैक्षणिक संसाधनों की पहुंच बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इस पहल के पहले चरण में छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 57 सरकारी मेडिकल कॉलेजों को शामिल किया जाएगा।

एआई इम्पैक्ट समिट में स्वास्थ्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (मेडिकल एजुकेशन) बी. श्रीनिवास ने कहा कि दूरदराज के मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को ई-बुक्स, डिजिटल क्लिनिकल मैटेरियल और तकनीकी अध्ययन सामग्री तक पहुंच में काफी दिक्कत होती है। ऐसे में सरकार एआई की मदद से इन छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुंचाने की रणनीति बना रही है। उन्होंने बताया कि नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी के जरिए ई-बुक्स और डिजिटल क्लिनिकल कंटेंट उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और फिलहाल इसे देश के लगभग 57 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू किया जा रहा है। 

01:49 PM, 16-Feb-2026

प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में हमेशा रोजगार खत्म होने का डर रहता है, लेकिन ऐसा होता नहीं है

इन्फो एज के सह संस्थापक संजीव बिखचंदानी राजीव गांधी की सरकार के समय कहा गया कि बैंकों में कम्प्यूटरों का इस्तेमाल होगा। तब कहा गया कि इससे रोजगार जाएंगे, लेकिन किसी की नौकरी नहीं गई। प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल में हमेशा यह डर रहता है कि इससे रोजगार खत्म होंगे, लेकिन ऐसा होता नहीं है। लोगों के पास अब सुनने का समय नहीं है। वे 50 मिनट का पॉडकास्ट नहीं सुन पाते। इसका सार जानने के लिए भी लोग AI टूल का इस्तेमाल करते हैं। उससे तीन-चार पन्नों का सार निकल जाता है। इस तरह प्रौद्योगिकी चीजों को बदल रही है।

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