EASA ने क्यों जारी किया था सस्पेंशन ऑर्डर?
वहीं टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, ईएएसए ने निलंबन आदेश की जानकारी भारत के विमानन नियामक डीजीसीए (DGCA) को भी दी थी. ‘लेवल-1’ सेफ्टी फाइंडिंग उस स्थिति में जारी की जाती है, जब किसी ऑपरेटर के संचालन में गंभीर सुरक्षा जोखिम की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता या जब वह नियामकीय निगरानी में सहयोग नहीं करता.
अखबार के मुताबिक, ईएएसए के सस्पेंशन ऑर्डर से पता चलता है कि कंपनी ने सितंबर 2023 में मुंबई में हुए लीयरजेट 45 हादसे की जांच में सहयोग नहीं किया. उस हादसे में कंपनी ने बार-बार मांगे जाने के बावजूद दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध नहीं कराई. EASA ने इसे ‘सुरक्षा जोखिम’ बताते हुए लेवल 1 फाइंडिंग जारी की, जिसमें कहा गया कि ऑपरेटर की गैर-सहयोगिता से सुरक्षा मानकों की पुष्टि नहीं हो सकी.
सस्पेंशन ऑर्डर में साफ तौर से लिखा है कि वीएसआर ने ईएएसए को सुरक्षा रिकॉर्ड्स तक पहुंच नहीं दी. ऑर्डर में कहा गया है, ‘ऑपरेटर ने मांगी गए दस्तावेज और जानकारियां उपलब्ध नहीं कराई. सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के अभाव में एजेंसी अपनी मॉनिटरिंग जिम्मेदारियों के तहत ऑपरेटर की TCO आवश्यकताओं की निरंतर अनुपालन की पुष्टि नहीं कर सकी.’
बार-बार भेजा रिमांइडर, लेकिन नहीं मिला जवाब
इस ऑर्डर में अक्टूबर और नवंबर 2024 की पांच तारीखों का जिक्र है, जब ईएएसए ने वीएसआर को कई रिमाइंडर भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. ऑर्डर में कहा गया है, ‘VSR को लेवल 1 फाइंडिंग पर पर्याप्त उपाय करने और रूट कॉज एनालिसिस के साथ सुधारात्मक एक्शन प्लान प्रस्तुत करने का मौका दिया गया, जिसमें कार्यान्वयन की समयसीमा भी शामिल थी. इसके बावजूद कंपनी ने कोई कदम नहीं उठाया, जिसके चलते TCO सस्पेंड कर दिया गया.’
TCO ऑथोराइजेशन यूरोपीय एयरस्पेस में लैंडिंग या ओवरफ्लाई के लिए गैर-ईयू ऑपरेटरों के लिए अनिवार्य है, जो अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों की पुष्टि करता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, VSR वेंचर्स ने इस मामले पर भेजे गए सवाल का कोई जवाब नहीं दिया. कंपनी के खिलाफ अब भारतीय जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं.

