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AMCA प्रोजेक्ट के तहत डेवलप किए जा रहे पांचवीं पीढ़ी के विमान में ऐसी तकनीक एड की जा रही है जो किसी भी तरह के थ्रेट य हमले को पहले ही भांप लेगा. (फोटो: पीटीआई)AMCA MK-2 Fighter Jet: भारत की रक्षा क्षमताओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) से एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) MK-2 के लिए डिस्ट्रीब्यूटेड अपर्चर सिस्टम (DAS) विकसित करने का कॉन्ट्रैक्ट मिल गया है. इस प्रोजेक्ट के लिए BEL की दावेदारी डेटा पैटर्न्स जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी कंपनियों पर भारी पड़ी. यह उपलब्धि भारत के लिए इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि DAS एक हाई-एंड सेंसर सूट है, जो लड़ाकू विमान को 360-डिग्री सिचुएशनल अवेयरनेस देता है. इसे अमेरिकी F-35 फाइटर जेट में मौजूद इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल DAS जैसी क्षमताओं की दिशा में भारत की बड़ी प्रगति माना जा रहा है.
डिलीवरी डेट भी तय
DAS-HD वेरिएंट की डिलीवरी 29 अगस्त 2026 तक और DAS-DB की डिलीवरी 29 अगस्त 2027 तक निर्धारित की गई है. इन दोनों सिस्टम्स को AMCA के इंडीजेनस मिशन कंप्यूटर और सेंसर फ्यूजन आर्किटेक्चर के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा, जिसका नेतृत्व DRDO करेगा. यह हाई-टेक सिस्टम न सिर्फ 360-डिग्री मिसाइल वॉर्निंग की सुविधा देगा, बल्कि इसमें इन्फ्रारेड सर्च एंड ट्रैक (IRST) फीचर भी होगा, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट और मिसाइलों का बिना किसी रेडिएशन (पैसिव मोड) में पता लगा सकेगा. इसके अलावा यह रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और हथियारों के सेंसरों से नेटवर्किंग कर पायलट को कॉकपिट के पैनोरमिक डिस्प्ले पर इंटीग्रेटेड जानकारी उपलब्ध कराएगा. इससे पायलट के निर्णय लेने की क्षमता और मिशन के दौरान जीवित बचने की संभावना काफी बढ़ जाएगी.
स्टील्थ फाइटर टेक्नोलॉजी में बड़ी छलांग
BEL के लिए यह प्रोजेक्ट खास मायने रखता है, क्योंकि हाल के वर्षों में उसने डिजिटल फ्लाइ-बाई-वायर सिस्टम और AESA रडार मॉड्यूल जैसे कई हाई-एंड एवियोनिक्स प्रोग्राम सफलतापूर्वक पूरे किए हैं. DAS कॉन्ट्रैक्ट उस दिशा में एक और अहम मील का पत्थर है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की टेक्नोलॉजी में गहराई तक ले जाएगा. यह प्रोजेक्ट भारत की सेंसर फ्यूजन और स्टील्थ फाइटर तकनीक में महारत हासिल करने की दिशा में एक बड़ी छलांग है. AMCA प्रोग्राम के साथ भारत न सिर्फ विदेशी निर्भरता कम करेगा, बल्कि भविष्य में रक्षा निर्यात क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा.

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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