भीलवाड़ा के जसवंतपुरा स्थित सीएनजी पंप पर हुए विवाद और मारपीट के बाद निलंबित आरएएस अधिकारी छोटूलाल शर्मा ने पहली बार मीडिया के सामने आकर अपनी सफाई दी है। शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को लेकर जो बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपिका व्यास उनकी वैध पत्नी हैं और वर्ष 2024 में दोनों ने विवाह किया था।
पत्नी को लेकर सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों का खंडन
शर्मा ने बताया कि उनकी पहली पत्नी पूनम से वे पहले ही कानूनी रूप से तलाक ले चुके हैं। पहली पत्नी से हुए उनके दोनों बच्चे भीलवाड़ा के एक स्कूल में पढ़ते हैं और उनके साथ ही रहते हैं। वहीं, दीपिका से विवाह के दो माह पूर्व उनका एक बेटा हुआ है। शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाएं न केवल उनकी निजी छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं, बल्कि उनके परिवार की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचा रही हैं।
‘पत्नी की तस्वीरें गलत इरादे से ली गईं’
घटना के दिन के बारे में शर्मा ने बताया कि वे दीपावली का पहला त्योहार मनाने घर लौट रहे थे, जब उनकी कार की गैस कम हो गई। इसी वजह से वे जसवंतपुरा सीएनजी पंप पर रुके। उन्होंने कहा कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने जानबूझकर उनकी गाड़ी की बजाय दूसरी गाड़ी में फ्यूल भरना शुरू कर दिया, जिससे विवाद बढ़ा। शर्मा का आरोप है कि पंप के कुछ कार्मिकों ने उनकी पत्नी की गलत इरादे से तस्वीरें खींचीं और अभद्र टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर हाथापाई और मारपीट हुई। शर्मा ने कहा कि मेरी पत्नी बीच-बचाव के लिए आईं तो उस समय मेरे मुंह से खून निकल रहा था। लेकिन सोशल मीडिया पर उसी वीडियो को एडिट कर मेरे खिलाफ माहौल बनाया गया।
दीपिका व्यास ने भी दी अपनी सफाई
शर्मा की पत्नी दीपिका व्यास ने बताया कि घटना के दौरान एक कर्मचारी बार-बार उनकी ओर देख रहा था और मोबाइल से तस्वीरें ले रहा था। जब उन्होंने इसकी शिकायत पति से की, तो मामला बढ़ गया। दीपिका ने कहा कि उन्होंने सिर्फ अभद्र व्यवहार का विरोध किया, जिसके बाद झगड़ा हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने पति के साथ हैं और जो वीडियो वायरल हो रहे हैं, वे आधा सच दिखाते हैं।
निजी जीवन बना चर्चा का विषय
सीएनजी पंप पर हुए ‘थप्पड़ कांड’ के बाद आरएएस शर्मा की निजी जिंदगी सोशल मीडिया और स्थानीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गई है। बताया जा रहा है कि शर्मा के परिवार में कुल पांच बच्चे हैं- पहली पत्नी से दो, दूसरी पत्नी से एक बेटा और उनके दिवंगत भाई की दो संतानें, जिनकी परवरिश की जिम्मेदारी दीपिका संभाल रही हैं। शर्मा पहले प्रतापगढ़ में पदस्थापित थे और सप्ताहांत पर परिवार से मिलने भीलवाड़ा आते थे। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय जयपुर कर दिया गया है, जिससे वे अब परिवार के साथ नहीं रह पा रहे हैं।
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‘मैं कानून का आदमी हूं, सच्चाई सामने लाऊंगा’
शर्मा ने खुद को पीड़ित बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ सोच-समझकर छवि खराब करने की कोशिश की गई है। उन्होंने कहा कि मैं कानून का आदमी हूं, किसी के साथ अन्याय नहीं करूंगा और न ही सहूंगा। सच्चाई सामने लाऊंगा। शर्मा ने दावा किया कि घटनास्थल का पूरा वीडियो उनके पास है, पर सोशल मीडिया पर केवल एक हिस्सा वायरल कर गलत नैरेटिव बनाया गया है।
पुलिस जांच जारी, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
रायला थाने में दर्ज प्रकरण में दोनों पक्षों की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। वहीं, राज्य सरकार द्वारा निलंबन आदेश जारी होने के बाद शर्मा की सेवा का भविष्य अब जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बयानों ने इस पूरे विवाद को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
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