नई दिल्ली (Engineering Career After 40). अक्सर कहा जाता है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती, लेकिन जब बात इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी कोर्स की आती है तो नियम थोड़े सख्त हो जाते हैं. बहुत से लोग 40 की उम्र पार करने के बाद अपने करियर को नई दिशा देना चाहते हैं. अगर आपके मन में यह सवाल है कि क्या इस उम्र में इंजीनियर बना जा सकता है तो इसका जवाब थोड़ा पेचीदा है. भारत में इंजीनियरिंग करने के लिए सबसे जरूरी शर्त 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) का होना रही है.
जेईई परीक्षा और उम्र का गणित
सबसे पहले बात करते हैं जेईई मेन की. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के नियमों के मुताबिक, JEE Main देने के लिए कोई ऊपरी आयु सीमा (Upper Age Limit) नहीं है. इसका मतलब है कि आप 40 की उम्र में भी फॉर्म भर सकते हैं. लेकिन, शर्त यह है कि आपने अपनी 12वीं की परीक्षा उसी साल या पिछले दो सालों में पास की हो. 40 की उम्र तक 12वीं पास किए हुए काफी समय हो जाता है. इसलिए आप सीधे जेईई मेन के रेगुलर कोटा में फिट नहीं बैठते.
क्या PCM के बिना इंजीनियरिंग कर सकते हैं?
अगर आपने 12वीं में आर्ट्स या कॉमर्स पढ़ा था और अब बीटेक यानी इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो सबसे पहले ‘एडिशनल सब्जेक्ट’ के रूप में पीसीएम की परीक्षा देनी होगी. ओपन स्कूल (जैसे NIOS) के जरिए आप फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स की पढ़ाई करके सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं. एक बार जब आपके पास PCM के साथ 12वीं की मार्कशीट आ जाती है तो आप कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज या लेटरल एंट्री प्रोग्राम्स के लिए योग्य हो जाते हैं.
AICTE के नए नियम और राहत
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने हाल ही में बीटेक एडमिशन के नियमों में ढील दी है. अब कुछ इंजीनियरिंग ब्रांच (जैसे डेटा साइंस या कंप्यूटर साइंस) के लिए फिजिक्स और केमिस्ट्री के बजाय अन्य तकनीकी विषयों को भी मान्यता दी जा रही है. हालांकि, गणित अभी भी ज्यादातर जगहों पर अनिवार्य है. अगर आप 40 साल के हैं तो ‘वर्किंग प्रोफेशनल’ कोटा के तहत भी कुछ कॉलेजों में पार्ट-टाइम बीटेक (B.Tech) कोर्स कर सकते हैं.
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा का भी है विकल्प
अगर आप बहुत ज्यादा मुश्किल इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में नहीं फंसना चाहते तो पॉलिटेक्निक डिप्लोमा आपके लिए सबसे अच्छा रास्ता हो सकता है. 10वीं रिजल्ट के आधार पर आप 3 साल का इंजीनियरिंग डिप्लोमा कर सकते हैं और उसके बाद ‘लेटरल एंट्री’ के जरिए सीधे बीटेक के दूसरे साल में एडमिशन ले सकते हैं. इस रास्ते में उम्र की पाबंदी बहुत कम होती है और आप अपनी फुल टाइम या पार्ट टाइम जॉब के साथ-साथ भी इसे पूरा कर सकते हैं.
बदलती दुनिया और स्किल की अहमियत
आज के दौर में डिग्री से ज्यादा स्किल (हुनर) की कीमत है. अगर आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं, तो कोडिंग सीखने के लिए आपको 4 साल की डिग्री की जरूरत नहीं है. कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और कोडिंग बूटकैंप्स आपको 6 महीने से 1 साल में तैयार कर देते हैं. बड़ी कंपनियां अब डिग्री के बजाय आपके प्रोजेक्ट्स और काम को देखकर नौकरी दे रही हैं. अगर सपना सिर्फ इंजीनियर बनने का है तो कोडिंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में आप बिना किसी आयु सीमा के कदम रख सकते हैं.

