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Career Tips, Gen Z Psychology: हर पीढ़ी अपने से अगली पीढ़ी को खुद से नासमझ और गैर-जिम्मेदार समझती है. वहीं, हर नई पीढ़ी की बात करें तो वह पहली पीढ़ी से ज्यादा टेक सैवी और खुद को लेकर जागरूक होती है. यही टकराव इन दिनों जेन जी और अन्य पीढ़ियों के प्रोफेशनल रवैये में भी नजर आने लगा है.
Gen Z Psychology: जेन जी पीढ़ी अपनी वैल्यूज को लेकर बहुत स्पष्ट हैनई दिल्ली (Career Tips, Gen Z Psychology). जनरेशन जेड, जिसे जेन जी कहा जाता है यानी 1997 से 2007 के बीच जन्मे युवा मौजूदा वर्कफोर्स में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय हैं. इस पीढ़ी ने नौकरी को देखने के पुराने तौर-तरीकों को पूरी तरह से बदल दिया है. Gen Z के लिए ‘ड्रीम जॉब’ का मतलब अब केवल मोटी सैलरी या आरामदायक ऑफिस नहीं रह गया है. ये युवा पर्पस, वैल्यू और ग्रोथ को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं. यही कारण है कि Gen Z को अक्सर ‘जॉब-हॉपिंग’ यानी बार-बार नौकरी बदलने वाली पीढ़ी कहा जाता है.
जेन जी क्या चाहती है?
मौजूदा पीढ़ी यानी जेन जी अपनी जरूरतों को लेकर बहुत स्पष्ट है. यह पीढ़ी अपने मम्मी-पापा, भइया-दीदी की तरह 10-12 घंटे ऑफिस में नहीं बिताना चाहती है. इसे सेल्फ ग्रोथ के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस चाहिए. यह पीढ़ी कार्यकालके बजाय ‘फिट’ के आधार पर सफलता को मापती है. वे पारंपरिक भत्तों से ज्यादा बेहतर वेतन (37%), फ्लेक्सिबल वर्किंग आवर्स (25%) और वर्क-लाइफ बैलेंस (22%) की डिमांड करते हैं. ज्यादातर ऑफिस में अब इसी पीढ़ी के लोग नजर आ रहे हैं. इसलिए नियोक्ताओं को अपना वर्किंग स्टाइल बदलने की जरूरत है.
Gen Z: बदलाव के पीछे के मुख्य कारण
नई पीढ़ी के जल्दी-जल्दी नौकरी छोड़ने के पीछे 3 प्रमुख कारण बताए जाते हैं:
- मूल्यों का टकराव: यह पीढ़ी चाहती है कि कंपनी की वैल्यूज उनकी पर्सनल वैल्यू से मेल खाएं. जहां उन्हें अनदेखा महसूस होता है या वर्क कल्चर में पारदर्शिता की कमी लगती है, वे तुरंत बदलाव के लिए तैयार हो जाते हैं.
- AI और भविष्य की चिंता: रिपोर्ट के अनुसार, 82% Gen Z एआई को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन 44% को अपनी नौकरी के भविष्य की चिंता है. यह चिंता उन्हें लगातार नई स्किल्स सीखने और नई नौकरियों की तरफ जाने के लिए प्रेरित करती है.
- स्थिरता से ज्यादा आजादी: Gen Z करियर को सीढ़ी की तरह नहीं, बल्कि खोजने की जगह मानते हैं. वे एक साथ कई रुचियों को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जिससे वे entrepreneurship की आजादी के साथ स्टेबिलिटी को बैलेंस कर सकें.
Gen Z को क्या सीखने की जरूरत है?
बार-बार नौकरी बदलना एक्स्पोजर तो देता है लेकिन यह विशेषज्ञता को कमजोर कर सकता है. मोबिलिटी की भावना को बरकरार रखते हुए Gen Z को कुछ जरूरी सबक सीखने चाहिए:
- फोकस के साथ स्वतंत्रता: फ्लेक्सिबिलिटी एक उपहार है, लेकिन लॉन्ग टर्म सक्सेस के लिए सही डायरेक्शन जरूरी है. नौकरी बदलने से पहले 1-2 साल का स्किल रोडमैप तैयार करें. हर बदलाव को केवल पलायन नहीं, बल्कि स्ट्रैटेजिक बदलाव के रूप में देखें.
- गहन विशेषज्ञता (Build Depth): लगातार नौकरी बदलने से अनुभव व्यापक होता है, लेकिन विशेषज्ञता कम हो सकती है. ऐसे प्रोजेक्ट चुनें, जो आपको रिजल्ट्स को शुरू से अंत तक संभालने का मौका दें.
एंप्लॉयर्स के लिए भी है संदेश
Gen Z का बार-बार नौकरी छोड़ना सिर्फ परेशानी नहीं, बल्कि एंप्लॉयर्स के लिए स्पष्ट इशारा भी है. कंपनियों को समझना होगा कि युवा लॉयल्टी को नहीं छोड़ रहे, बल्कि उसकी शर्तों को बदल रहे हैं. अब सिर्फ पुरानी नीतियों पर ध्यान देने के बजाय कंपनी के उद्देश्य और वर्क कल्चर पर भी ध्यान देना जरूरी है. एंप्लॉयर्स को कंट्रोल की जगह सहयोग और पुरानी Hierarchy की जगह मेंटॉरशिप को बढ़ावा देना चाहिए. जो कंपनियां फ्लेक्सिबिलिटी, मानसिक सुरक्षा और ईमानदारी को महत्व देती हैं, वहां Gen Z आसानी से टिक जाएंगे.
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With over more than 10 years of experience in journalism, I currently specialize in covering education and civil services. From interviewing IAS, IPS, IRS officers to exploring the evolving landscape of academi…और पढ़ें
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