Wed. Feb 18th, 2026

India AI Impact Summit: AI समिट में गांव वाली फीलिंग! पंचायती राज मंत्रालय का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र


India AI Impact Summit 2026 live:  इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का बुधवार को तीसरा दिन है. इस बीच इस सम्मेलन में शामिल होने आए कई देशों के शासनाध्यक्षों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे. यह शिखर सम्मेलन ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला बड़ा एआई सम्मेलन है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक चल रहा है. फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज सम्मेलन में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों में शामिल हैं.

India AI Impact Summit 2026

नेक्स्ट जेन के छात्रों को एक्सपो में देखकर खुशी हुई- रुद्र चौधरी

ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट रुद्र चौधरी ने कहा कि भारत AI इंपैक्ट समिट में दिल्ली में नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों, शोधकर्ताओं और छात्रों के बीच AI पर गहन चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि समिट का सबसे बड़ा आकर्षण बसों से आए स्कूली बच्चे और कॉलेज के छात्र थे, जो एक्सपो में घूमकर सवाल पूछ रहे थे. उन्होंने इसे तकनीक और आम लोगों के बीच पुल बनाने की शुरुआत बताया, क्योंकि एआई का विकास बहुत तेजी से हो रहा है लेकिन इसका इस्तेमाल और समझ अभी पीछे है. समिट में मशीन लर्निंग, हेल्थकेयर, कृषि, शिक्षा और शहरी शासन में एआई के उपयोग पर प्रदर्शनियां लगीं, साथ ही नैतिकता, डेटा गवर्नेंस और ऑटोमेशन के सामाजिक प्रभावों पर पैनल चर्चाएं हुईं. चौधरी ने नवाचार और नियमन के बीच संतुलन पर जोर दिया, कहा कि भारत सरकार अभी प्रो-इनोवेशन है लेकिन समय के साथ रेगुलेशन आएगा. इसे समझदारी से लागू करना होगा, ताकि विकास रुके नहीं और जोखिम भी कम हो. यह समिट भारत की AI महत्वाकांक्षा और जन-समझ के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ.

स्पेन के राष्ट्रपति से मिले पीएम मोदी

मैं दिल्ली में स्पेन के प्रधानमंत्री @sanchezcastejon के साथ द्विपक्षीय बैठक कर रहा हूं. हमने रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों-से-लोगों के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की. हमने 2026 को भारत-स्पेन वर्ष ऑफ कल्चर, टूरिज्म एंड AI घोषित करने का फैसला किया है. हम जल्द ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहे हैं. स्पेन की कई विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिमंडल ने भी शिक्षा क्षेत्र में हमारे सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत का दौरा किया है.

AI समिट में गांव वाली फीलिंग! पंचायती राज मंत्रालय का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र

AI समिट के हॉल नंबर 5 में पंचायती राज मंत्रालय का स्टॉल लोगों को खास तौर पर अपनी ओर खींच रहा है. यहां आने वाले विजिटर्स को ऐसा लग रहा है- जैसे वे किसी गांव के माहौल में पहुंच गए हों. दरअसल, इस स्टॉल में दिखाया जा रहा है कि किस तरह AI की मदद से गांवों में कामकाज तेज और आसान बनाया जा सकता है. ग्राम पंचायत के काम जैसे रिकॉर्ड मैनेजमेंट, योजनाओं की निगरानी और सेवाओं की डिलीवरी एआई के जरिए ज्यादा तेजी से करने के तरीके यहां प्रदर्शित किए गए हैं. मंत्रालय ने पूरे सेटअप को ग्रामीण परिवेश जैसा बनाया है, ताकि देखने वालों को असली गांव जैसा अनुभव मिले. यही वजह है कि समिट में शामिल ज्यादातर लोग इस स्टॉल पर जरूर जा रहे हैं, क्योंकि यह उन्हें अपने गांव की याद दिला रहा है.

स्पेन के राष्ट्रपति से पीएम मोदी की मुलाकात

स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज के साथ पीएम मोदी की मुलाकात शुरू हो गई है. दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं की मुलाकात हो रही है. आज पीएम मोदी सात देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री का कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी का व्यस्त कार्यक्रम सुबह से शुरू होने वाला है. सुबह 11:00 बजे उन्हें स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ से मुलाकात करनी है. इसके बाद 11:40 बजे फिनलैंड के प्रधानमंत्री एंटी पेटेरी ओर्पो , दोपहर 12:20 बजे सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक, दोपहर 1:00 बजे क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक, दोपहर 2:45 बजे एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, दोपहर 3:25 बजे भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और शाम 4:40 बजे कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्ज़हास बेक्टेनोव के साथ वार्ता होगी.

ये मुलाकातें एआई इम्पैक्ट समिट के समानांतर चल रही हैं, जहां वैश्विक एआई गवर्नेंस, नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग पर चर्चा हो रही है. सम्मेलन में फ्रांस, ब्राजील, स्पेन, स्विट्जरलैंड सहित 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष/प्रधानमंत्री शामिल हैं. मैक्रों की यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन से जुड़ी है.

स्वदेशी एआई मॉडल पर जोर

इस बीच, भारत सरकार ने स्वदेशी एआई मॉडल विकसित करने पर जोर दिया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि सरकार भारतीय डेटा पर आधारित एआई प्रणालियों में निवेश कर रही है ताकि पूर्वाग्रह की चिंताओं को दूर किया जा सके. कृष्णन ने कहा, “स्वायत्तता बहुत महत्वपूर्ण है. भारत को ऐसे एआई मॉडल चाहिए जिनका नियंत्रण पूरी तरह हमारे पास हो, किसी अन्य देश के पास ‘किल स्विच’ न हो.” उन्होंने बताया कि शुरुआत में बहस थी कि विदेशी ओपन-सोर्स मॉडल इस्तेमाल किए जाएं या अपना मॉडल बनाया जाए, क्योंकि अपना मॉडल बनाना महंगा और समय लेने वाला था.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *