सर्जियो गोर ने पीएम मोदी और ट्रंप की तारीफ की
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने शनिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि नया दिन शुरू हुआ है। इस उपलब्धि का पूरा श्रेय राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और दूरदर्शिता को जाता है।
वहीं, अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि राजदूत ग्रियर ने भी इस समझौते का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस व्यापार समझौते से टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं हटेंगी और भारत का बड़ा बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुलेगा। ग्रियर ने कहा कि इस समझौते से अमेरिकी मजदूरों, किसानों और उत्पादकों को बड़ा फायदा मिलेगा, क्योंकि औद्योगिक सामान और कई कृषि उत्पादों पर शुल्क कम होगा। उन्होंने इसे दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने वाला कदम बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते से भारत और अमेरिका के किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, उन्होंने भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की भूमिका की सराहना की।
स्पाइसजेट चेयरमैन ने समझौते को बताया एतिहासिक
स्पाइसजेट के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अजय सिंह ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के लिए ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता ‘मेड इन इंडिया’ ब्रांड को मजबूती देगा और भारत की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा।
अजय सिंह ने इस उपलब्धि के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के बीच देश के 140 करोड़ लोगों के हितों को प्राथमिकता देते हुए यह समझौता कराया है। यह समझौता भारत के लिए लंबे समय तक विकास और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारी की नींव रखेगा।
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फार्मा सेक्टर ने समझौते का किया स्वागत
इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस (आईपीए) ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते का स्वागत किया है। आईपीए के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा कि भारत-अमेरिका दवा साझेदारी मजबूत होना जरूरी है, क्योंकि दवा सुरक्षा देश की सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि इस समझौते में जेनेरिक दवाओं को टैरिफ से छूट दी गई है। हालांकि, अमेरिका में फार्मास्युटिकल उत्पादों पर जांच जारी रहेगी, जो अन्य मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) जैसी ही प्रक्रिया है।
क्या बोले FICCI अध्यक्ष
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एफआईसीसीआई) के अध्यक्ष अनंत गोयनका ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से टैरिफ कम होंगे, नियमों की जटिलताएं घटेंगी और कई सेक्टरों में नए मौके खुलेंगे। उन्होंने कहा कि जब भारत खुद को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में मजबूत कर रहा है, तब यह समझौता तकनीक, प्रतिस्पर्धा और सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद करेगा। यह भारत में और भारत के लिए वैश्विक स्तर पर विकास को गति देगा।
हर्षवर्धन श्रृंगला ने समझौते को बताया अहम
पूर्व विदेश सचिव और राज्यसभा सांसद हर्षवर्धन श्रृंगला ने इस समझौते को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि यह डील यूरोपीय संघ के साथ हुए बड़े समझौते के तुरंत बाद आई है, जिससे भारतीय निर्यातकों, छोटे उद्योगों, किसानों और मजदूरों को बड़ा फायदा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे 30 ट्रिलियन डॉलर के बड़े बाजार तक भारत को बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे अमेरिका को होने वाला निर्यात तेजी से बढ़ेगा। यूरोपीय संघ के साथ मिलाकर भारत को लगभग 60 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी। उन्होंने इसे खासतौर पर युवाओं के लिए अच्छी खबर बताया।
जेडकेपीसीसी अध्यक्ष और सौरभ भारद्वाज ने की आलोचना
जेडकेपीसीसी अध्यक्ष तारीक हमीद कर्रा ने इसे भारत की विदेश नीति की विफलता और राष्ट्रीय अपमान बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस डील को महान उपलब्धि के तौर पर पेश कर रहे हैं, लेकिन यह देश के लिए चिंता की बात है। दूसरी ओर, आप दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी समझौते पर आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारत को कभी भी कमजोर सरकार ने अमेरिका के आगे नहीं झुकते देखा। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि क्या अब अमेरिका भारत को वैसे ही चलाएगा जैसे वे वेनेजुएला के मामलों में कर रहे हैं?

