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Indian Army war exercise | Pakistan border Indian Army drill: सर क्रीक से जैसलमेर तक, PAK सरहद पर तीनों सेनाएं करने जा रहीं युद्धाभ्‍यास


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भारत की सेनाएं पाक‍िस्‍तानी सरहद पर बड़ी एक्‍सरसाइज करने जा रही हैं. यह एक्‍सरसाइज एक या दो द‍िन की नहीं होगी, पूरे 10 द‍िन तक सेनाएं दंगल मचााएंगी और हां इसका स्‍केल इतना ज्‍यादा है क‍ि पाक‍िस्‍तानी जनरलों के पसीने छूट जाएंगे. पहली बार इतने बड़े स्‍केल पर एक्‍सरसाइज होने जा रही है.

सर क्रीक से जैसलमेर तक, PAK सरहद पर तीनों सेनाएं करने जा रहीं युद्धाभ्‍यासकहा जा रहा क‍ि इस बार फौज के तीनों अंग एक साथ मिलकर एक्‍शन लेने वाले हैं.

भारत ने एक ऐसा नोटिफिकेशन जारी किया गया है जो पाकिस्तान को रातों की नींद उड़ा देगा. ट्राई-सर्विसेज एक्सरसाइज, मतलब इंडियन आर्मी, नेवी और एयर फोर्स तीनों मिलकर पाक‍िस्‍तान की सरहद पर युद्धाभ्‍यास करने जा रहे हैं. गुजरात-राजस्थान की सरहद पर सर क्रीक से लेकर जैसलमेर तक, 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक 12 दिनों का महायुद्धाभ्यास होगा. इसके ल‍िए नॉटम (NOTAM) जारी हो चुका है. 10,000 फीट से 28,000 फीट तक का एयरस्पेस बंद कर द‍िया गया है. इस रास्‍ते से सिविल फ्लाइट्स नहीं गुजर पाएंगी. लेकिन ये कोई रूटीन ड्रिल नहीं है. इसका स्केल इतना बड़ा है और एरिया इतना संवेदनशील है कि पाकिस्तान के जनरलों के पसीने छूट जाएंगे. खाड़ी क्षेत्रों से लेकर रेगिस्तानी क्षेत्रों में आक्रामक युद्धाभ्यास होगा. इसमें इंटेल‍िजेंस सर्विलांस, इलेक्‍ट्राॅन‍िक वॉरफेयर, साइबर कैपेबिल‍िटीज का प्रदर्शन किया जाएगा.

ज‍िस वक्‍त ये बात सामने आई है, उसी वक्‍त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भारत पाक‍िस्‍तान बॉर्डर पर मौजूद थे. जैसलमेर में उन्‍होंने तनोट राय माता मंदिर में दर्शन पूजन क‍िए. उन्‍होंने 60 साल पुराने जंग के निशान देखे. रक्षा मंत्री के साथ आर्मी चीफ उपेंद्र द्व‍िवेदी और बैटल एक्स कमांडर मेजर जनरल आशीष खुराना भी मौजूद थे. ये वो जगह है जहां, पर 1965 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान की ओर से बम ग‍िराए गए थे, लेकिन एक भी बम नहीं फटा था. राजनाथ सिंह ने वो बम भी देखे. इन बमों को आज भी मंदिर में सुरक्षित रखा गया है, जो तनोट माता के चमत्कार और देश की रक्षा में सेना के अदम्य साहस की जीवंत याद दिलाते हैं.

सोशल मीडिया में @detresfa_ अकाउंट से इसे जारी क‍िया गया है.

क्या ये किसी बड़े धमाके का संकेत है?
सबसे पहले मैप देख‍िए. सिंधु नदी के किनारे से अरब सागर तक, पाकिस्तान की बॉर्डर पर भारत का वो ‘बुल्ज’ गुजरात का रण ऑफ कच्छ, नारंगी रंग का वो विशाल एरिया, जहां एयर ट्रैफिक रूट्स कट जाएंगे. कराची से जैसलमेर तक, जोधपुर, अहमदाबाद सब कवर होगा. इससे भी ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण ऊंचाई है. 10,000 फीट से 28,000 फीट तक पूरा एयरस्‍पेस खाली रहेगा. मतलब फाइटर जेट्स, मिसाइल टेस्ट, ड्रोन स्वार्म्स कुछ भी दागा जा सकता है.

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