असम के डिब्रूगढ़ से कोलकाता जा रही इंडिगो की एक उड़ान में बम की धमकी मिलने के बाद शनिवार शाम इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। विमान के टॉयलेट में लिपस्टिक से लिखा संदिग्ध संदेश मिलने पर सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर विमान को अलग खड़ा किया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच तेज कर दी गई।
उड़ान के दौरान मिला धमकी भरा संदेश
अधिकारियों के अनुसार इंडिगो की फ्लाइट 6E6894, जो ए-320 विमान था, डिब्रूगढ़ एयरपोर्ट से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के दौरान विमान के वॉशरूम में लिपस्टिक से बम की धमकी लिखा संदेश मिला। सूचना मिलते ही पायलट और क्रू ने सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया। विमान ने शाम सात बजकर 37 मिनट पर सुरक्षित लैंडिंग की। लैंडिंग के बाद विमान को तुरंत आइसोलेशन बे में ले जाया गया।
ये भी पढ़ें- पंजाब सरकार ने नशे पर कसी नकेल, अभियान में मिली बड़ी सफलता; मंत्री हरपाल चीमा ने विपक्ष को घेरा
सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा गया
सुरक्षा नियमों के तहत विमान को मुख्य टर्मिनल से दूर खड़ा किया गया। इसके बाद सभी यात्रियों और क्रू मेंबर को सुरक्षित उतार लिया गया। बम निरोधक दस्ता और सुरक्षा एजेंसियों ने विमान की पूरी तलाशी शुरू की। एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा कि स्थापित सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार हर कदम उठाया गया। किसी भी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
उसी दिन इंडिगो की दूसरी उड़ान में भी अलर्ट
इसी दिन इंडिगो की एक और उड़ान में भी बम की धमकी का मामला सामने आया। कोलकाता से शिलांग जाने वाली फ्लाइट 6E3074 में बोर्डिंग के दौरान टॉयलेट के अंदर कागज पर लिखा धमकी भरा नोट मिला। इसके बाद यात्रियों को तुरंत विमान से उतारा गया और विमान को भी आइसोलेशन में ले जाकर जांच शुरू की गई। एयरपोर्ट निदेशक ने बताया कि सुरक्षा जांच पूरी होने तक उड़ान रोकी गई।
ये भी पढ़ें- शिवाजी महाराज-टीपू सुल्तान की तुलना पर सियासी बवाल, हर्षवर्धन सपकाल के बयान पर भड़के सीएम फडणवीस
जांच एजेंसियां कर रहीं सत्यापन।
दोनों मामलों में सुरक्षा एजेंसियां संदेश लिखने वाले की पहचान करने में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों की जानकारी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि बम धमकी के हर संदेश को गंभीरता से लिया जाता है, चाहे वह मजाक ही क्यों न हो। विमानन सुरक्षा नियमों के तहत ऐसी घटनाओं में पूरी जांच अनिवार्य होती है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है।
अन्य वीडियो-

