ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में बातचीत का नया दौर खत्म हो गया है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह बैठक लगभग तीन घंटे तक चली। मंगलवार को हुई यह मुलाकात परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत थी। जिनेवा में वार्ता व अभ्यास ऐसे समय हुए जब अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। जिनेवा में ईरान-अमेरिका की परोक्ष वार्ता 3 घंटे चली, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की ओर फायरिंग अभ्यास शुरू कर मिसाइलें दागीं। उसने होर्मुज स्ट्रेट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया, जिससे क्षेत्र में तनाव है। दूसरी तरफ, अमेरिका भी इस इलाके में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। इन हालातों के बीच हुई इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजर है।
ईरान ने दागीं मिसाइलें
ईरान ने घोषणा की है कि उसके अर्ध सैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने फारस व ओमान की खाड़ी स्थित होर्मुज स्ट्रेट में अभ्यास शुरू कर दिया है। ईरान के अंदर और उसके तट व द्वीप के साथ दागी गई मिसाइलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने लक्ष्यों को भेदा। यह जलमार्ग क्षेत्र महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग है जिससे दुनिया के 20% तेल का परिवहन होता है। उधर, जिनेवा में ईरान सिर्फ परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता के पक्ष में रहा, जबकि अमेरिका घरेलू मुद्दों पर भी चर्चा चाहता है। एजेंसी
अमेरिकी सैन्य शक्ति में वृद्धि का विरोध
ईरान का अभ्यास अमेरिकी सैन्य शक्ति के विरोध में है। अमेरिका ने यहां अपने दो विमानवाहक पोत लगा रखे हैं। ईरानी युद्धाभ्यास का एक रेडियो संदेश होर्मुज स्ट्रेट के उत्तरी हिस्से में वहां से गुजरने वाले नौसैनिकों को भी मिला है। ईरान की यह दूसरी चेतावनी थी।
वार्ता में प्रगति, लेकिन स्पष्टता नहीं
ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘जिनेवा में परमाणु मुद्दे पर हुई परोक्ष वार्ता में प्रगति हुई है, लेकिन अभी किसी स्पष्टता के संकेत नहीं मिले हैं।’ अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास आराघची के साथ ओमान की मध्यस्थता में वार्ता की। वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कई मुद्दों पर चर्चा बाकी है। ईरान ने अगले दो हफ्तों में हमारे रुख में मौजूद कुछ कमियों को दूर करने के लिए विस्तृत प्रस्तावों के साथ वापस आने को कहा है।’
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