आरएस पुरा स्थित बाल सुधार गृह में सोमवार को सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आई है। पुलिस पर कट्टे से फायरिंग व धारदार हथियार से हमला कर दो पाकिस्तानी नागरिक-मोहम्मद सुना-उल, एहसान अली और आरएस पुरा के दबलैड का रहने वाला करणजीत सिंह उर्फ गुग्गा फरार हो गया। तीनों लंबे समय से यहां बंद थे और गंभीर मामले में उनकी संलिप्तता रही है। इस सुरक्षा चूक पर डीजीपी नलिन प्रभात ने मौके का दौरा कर लापरवाही के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
वारदात सोमवार शाम 5:15 बजे की बताई जा रही है। फरार होने से पहले तीनों आरोपियों ने अन्य 27 बंदियों को एक कमरे में बंद कर दिया था। । इस बीच ड्यूटी पर तैनात एसपीओ विनय चौधरी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो तीनों ने उनपर हमला कर दिया। हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार बीचबचाव में आए तो तीनों ने उनपर तेजधार हथियार से हमला किया। हमले में दोनों लहूलुहान हो गए और गंभीर चोटें आईं। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात अन्य पुलिसकर्मी कुछ समझते या जवाब दे पाते फायरिंग कर तीनों आरोपी भाग निकले।
सीसीटीवी फुटेज में हमला करते दिख रहे आरोपी
पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसमें आरोपी देसी कट्टे से फायरिंग और तेजधार हथियारों से हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस इनकी धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है। पाकिस्तानी नागरिकों के शामिल होने और आरोपियों के पास कट्टा पास होने की वजह से जम्मू और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
बाइक छीनकर हुए फरार, पुलिस ने बढ़ाई गश्त
बाल सुधार गृह से फरार हुए आरोपियों ने आरएस पुरा-अरनिया मुख्य मार्ग पर राइस मिल के पास एक राहगीर को देसी कट्टा दिखाकर उसकी बाइक छीन ली। सूत्रों के अनुसार आरोपी रिंग रोड से विजयपुर- सांबा की ओर जाते दिखे। वारदात के बाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगते इलाकों व सांबा, कठुआ में सुरक्षा कड़ी कर है। करणजीत सिंह उर्फ गुग्गा खैफ गैंग से जुड़ा है। इसका सरगना विजयपुर का रहने वाला है। घटना के बाद पुलिस ने जेलों में बंद सभी पाकिस्तानी नाबालिग कैदियों की डिटेल्स मांगी हैं।
कई दिनों से रच रहे थे साजिश
शुरुआती जांच में सामने आया है कि यहां से भागने के लिए तीनों आरोपी कई दिनों से साजिश रच रहे थे। बाल सुधार गृह की पिछली दीवार टूटी मिली है। माना जा रहा है कि यहीं से हथियार अंदर फेंके गए। बाल सुधार गृह से पहले भी दीवार फांदकर किशोर फरार हुए थे। इसके बावजूद सुरक्षा इंतजाम के मजबूत नहीं किए गए।
घायल पुलिसकर्मी बोले-अचानक किया हमला
जीएमसी जम्मू में लाए गए घायल पुलिसकर्मियों ने बताया कि तीनों पहले अन्य किशोरों से लड़ रहे थे। इस बीच जैसे हम वहां पहुंचे अचानक हमला कर दिया। इनके पास देसी कट्टा और तेजधार हथियार भी थे। घायल पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
तीनों आरोपी हो चुके हैं बालिग
जब तीनों को पकड़ा था तो नाबालिग थे अब वह बालिग हो चुके है। इस संबंध में मीरां साहिब पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई गई है और जगह-जगह दबिश दी जा रही है। जोगिंद्र सिंह, एसएसपी जम्मू

