न्यूज18 कन्नड़
Karnataka Politics: कर्नाटक की सियासत में इस वक्त उबाल है. मुख्यमंत्री बदलने की अटकलों के बीच अब राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हुबली में एक ऐसा बयान दिया है जिसने कांग्रेस के भीतर मचे खींचतान को खुलकर उजागर कर दिया. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया किसी भी हाल में डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनने देंगे.
प्रह्लाद जोशी का ‘विस्फोटक’ बयान
हुबली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रह्लाद जोशी ने कहा कि “सिद्धारमैया डी.के. शिवकुमार को कभी मुख्यमंत्री नहीं बनने देंगे.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के अंदर कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. जोशी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया की टिप्पणी दरअसल उनके पिता के असली विचारों को दर्शाती है. जोशी ने कहा, “यतींद्र वही बोलते हैं जो सिद्धारमैया सोचते हैं,” उन्होंने आगे कहा कि इस बयान के बाद सीएम और डिप्टी सीएम के बीच की दरार अब सबके सामने है.
सिद्धारमैया का आया जवाब
गौरतलब है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र के एक बयान ने हाल ही में राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी थी. यतींद्र ने कहा था कि उनके पिता अपने राजनीतिक करियर के आख़िरी दौर में हैं और सार्वजनिक निर्माण मंत्री सतीश जरकीहोली को उनका उत्तराधिकारी बताया था. इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया था कि क्या सिद्धारमैया अपनी विरासत किसी नए चेहरे को सौंपने की तैयारी में हैं.
अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद इस विवाद पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने किसी को अपना उत्तराधिकारी नहीं बताया, बल्कि ‘विचारधारात्मक उत्तराधिकारी’ (ideological successor) की बात की थी. सिद्धारमैया ने कहा, “अगर किसी ने उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया है, तो मैं क्या कर सकता हूं? मैंने यतींद्र से पूछा था कि उन्होंने क्या कहा, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने सतीश जरकीहोली को केवल विचारधारा के उत्तराधिकारी के रूप में उल्लेख किया था, न कि अगले मुख्यमंत्री के तौर पर.”
कांग्रेस में सब ठीक नहीं- बोले जोशी
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सरकार पर तीखे वार करते हुए कहा कि यह सरकार “अराजकता की प्रयोगशाला” बन चुकी है. उन्होंने कहा कि “सिद्धारमैया झूठ बोलने वाले बेशर्म मुख्यमंत्री हैं. उन्होंने जनता से वादे किए, लेकिन पूरे एक भी नहीं हुए.” जोशी ने कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर सिद्धारमैया सोनिया गांधी से एकतरफा बात करते, तो आज मुख्यमंत्री नहीं होते. कांग्रेस में आज कोई अनुशासन नहीं बचा.”
DK शिवकुमार ने भी साधा पलटवार
इस बयान के बाद डीके शिवकुमार ने भी पलटवार किया और कहा कि वे किसी की कृपा से नहीं, जनता के विश्वास से यहां तक पहुंचे हैं. सूत्रों के मुताबिक शिवकुमार खेमे में भी इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया है. पार्टी के अंदर यह चर्चा अब तेज है कि क्या कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट वाकई शुरू हो गई है, या यह सिर्फ विपक्ष की सियासी चाल है.
‘क्रांति’ पर भी बोले जोशी- नवंबर-दिसंबर में आएगी हलचल
अपने भाषण में जोशी ने कहा कि “कांग्रेस की जिस सितंबर क्रांति की बात की जा रही है, वह झूठी है. असली क्रांति तो नवंबर या दिसंबर में आएगी.” उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अराजकता के आरोप लगाए. जोशी ने आगे कहा, “कर्नाटक शांति की धरती है, लेकिन कांग्रेस के कुशासन को यहां जड़ नहीं जमाने देंगे.”

