Fri. Jan 23rd, 2026

LIVE: बीजेपी को एक्‍सपोज कर दूंगी… I-PAC पर छापेमारी से तमतमाई ममता की ललकार


ED Raid: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने IPAC कोलकाता के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापा मारा है. आईपैक अधिकारी के ठिकानों पर छापे पर पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है. सीएम ममता बनर्जी ने छापे पर रिएक्‍शन देते हुए केंद्र पर लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार सुबह पश्चिम बंगाल में राजनीतिक रणनीति से जुड़ी कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक (I-PAC) के दफ्तर और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी की. यह कार्रवाई कोलकाता के साल्ट लेक स्थित आई-पैक के कार्यालय, लाउडन स्ट्रीट में प्रतीक जैन के आवास और बड़ा बाजार के पोस्ता इलाके में एक व्यापारी के दफ्तर पर एक साथ की गई.

तमतमाई ममता की ललकार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने I-PAC के दफ्तर और उसके निदेशक के घर पर ED की छापेमारी को लेकर भाजपा के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है. रेड के बीच खुद मौके पर पहुंचकर ममता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां जांच की आड़ में तृणमूल कांग्रेस (TMC) का चुनावी डेटा और डिजिटल दस्तावेज चोरी कर रही हैं. गुस्से से तमतमाई ममता ने सीधे गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा, मैं भाजपा को बेनाकाब (Expose) कर दूंगी. उन्होंने इसे ‘गंदी राजनीति’ करार दिया और कहा कि भाजपा राजनीतिक रूप से मुकाबला करने में असमर्थ है, इसलिए एजेंसियों के जरिए चुनाव प्रभावित करने की साजिश रच रही है.

ममता बनर्जी पर केस होना चाहिए : अग्निमित्रा पॉल

I-PAC ऑफिस पर ईडी की छापेमारी पर BJP विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ED ने ट्वीट कर बताया है कि ये कोयला चोरी का केस है. ये कोई नया केस नहीं है. इसके साथ राजनीति या TMC का कोई संबंध नहीं है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जो बोल रही हैं ये झूठ है… आज 6 जगहों पर बंगाल में और 4 जगहों पर दिल्ली में रेड जारी है… ममता बनर्जी पर केस होना चाहिए. वे सरकारी काम में दखल दे रही हैं और फाइल लेकर निकल जा रही हैं…

ED ने ममता बनर्जी पर बड़े आरोप

ईडी ने ममता बनर्जी पर बड़े गंभीर आरोप लगाए हैं. ईडी के अनुसार, कार्रवाई शांतिपूर्ण और पेशेवर तरीके से चल रही थी, लेकिन बाद में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ वहां पहुंचीं. आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रतीक जैन के आवास में प्रवेश कर वहां से अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले लिए. इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला I-PAC के कार्यालय पहुंचा, जहां से भी मुख्यमंत्री, उनके सहयोगियों और राज्य पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत जबरन हटा लिए गए. ईडी का कहना है कि इन घटनाओं के कारण मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चल रही जांच और कानूनी कार्रवाई में बाधा पहुंची है.

क्या बोली ईडी?

ईडी सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान पैसों का ट्रांजेक्शन I-PAC के साथ मिला था, लिहाजा कंपनी और उसके निदेशक के ठिकाने पर भी छापेमारी हो रही है. कोल माइनिंग स्कैम में हवाला के ज़रिये पैसे कुछ कंपनी और लोगो तक पहुंचे थे, जिसके बाद ईडी की ये कार्यवाई की जा रही है.

सूत्रों के अनुसार, प्रतीक जैन अपने चार मंजिला आवास की चौथी मंजिल पर मौजूद थे, जहां ईडी की टीम ने उनसे पूछताछ की. इस छापेमारी के दौरान दोपहर करीब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं, जिससे इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल और तेज हो गई. ईडी की टीमें सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर दस्तावेज़ों की जांच और पूछताछ में जुटी रहीं. बताया जा रहा है कि यह छापेमारी कथित कोयला तस्करी मामले से जुड़ी जांच के सिलसिले में की जा रही है. पिछले कुछ वर्षों में इस मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय रही हैं और कई बड़े नामों से पूछताछ हो चुकी है. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी से भी ईडी और सीबीआई इस मामले में कई बार पूछताछ कर चुकी हैं.

क्या बोलीं ममता बनर्जी?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आईपीएसी (IPAC) पर ईडी की रेड को लेकर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के साथ अपराध किया गया है. ममता बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि IPAC उनकी पार्टी का संगठन है और यह एक पंजीकृत राजनीतिक इकाई है. उन्होंने कहा, ‘आईपैक हमारी संस्था है, हम एक रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी हैं. क्या कोई हमारे साथ ऐसा कर सकता है?’

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि वे तब तक पार्टी दफ्तर में ही बैठी रहेंगी, जब तक प्रतीक जैन खुद दफ्तर नहीं आते. ममता बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा, ‘जब तक प्रतीक जैन IPAC के दफ्तर नहीं आते, मैं यहीं बैठी रहूंगी और कहीं नहीं जाऊंगी.’ ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि पार्टी से जुड़े अहम दस्तावेज उनके हैं, और उन पर किसी भी तरह की कार्रवाई को गलत ठहराया. उन्होंने कहा, ‘ये मेरी पार्टी के दस्तावेज हैं.’

मुख्यमंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि प्रतीक जैन का मोबाइल फोन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जब्त कर लिया है. इसे लेकर उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की कार्रवाई राजनीतिक दबाव के तहत की जा रही है.

प्रशांत किशोर ने की स्‍थापना

आई-पैक की स्थापना प्रशांत किशोर ने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले की थी. साल 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद से यह पॉलिटिकल कंसलटेंसी फर्म तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ काम कर रही है, हालांकि प्रशांत किशोर अब पूर्णकालिक राजनीति में सक्रिय हैं. आई-पैक को 2021 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की बड़ी जीत और 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाने वाला माना जाता है.

विधानसभा चुनाव से पहले छापे

यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं और भारतीय जनता पार्टी तृणमूल कांग्रेस की मुख्य चुनौती के रूप में सामने है. विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है, जबकि भाजपा का कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं. अभिषेक बनर्जी पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि तमाम आरोपों और केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद तृणमूल कांग्रेस राज्य में लगातार चौथी बार सत्ता में लौटेगी. ईडी की इस ताज़ा कार्रवाई ने चुनावी माहौल में सियासी तापमान और बढ़ा दिया है.

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