गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के पवित्र संगम की रेती पर लगे विश्व के सबसे बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक सालाना मेले का रविवार को 44वां और अंतिम दिन है। माघ मेले के छठवें और आखिरी स्नान पर्व यानी महाशिवरात्रि पर रविवार को त्रिवेणी संगम में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त से ही त्रिवेणी संगम के विभिन्न घाटों पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। मेला अधिकारी ऋषिराज के मुताबिक सुबह 7:00 तक 16 लाख से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं। शाम तक आंकड़ा एक करोड़ तक पहुंच सकता है।
वहीं, ग्रहों नक्षत्रों का अद्भुत संयोग महाशिवरात्रि के पर्व को कई गुना फलदाई बना रहा है। आज के दिन अन्न,वस्त्र और स्वर्ण दान का विशेष महत्व है।