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MCA चुनाव विवाद सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, नेपोटिज्म पर उठे सवाल.


“आप उन लोगों को ला रहे हैं जिन्हें बल्ला पकड़ना तक नहीं आता, जबकि 300 सीटें उन दिग्गज क्रिकेटरों के लिए होनी चाहिए थीं जिन्होंने देश का नाम रोशन किया है.” सुप्रीम कोर्ट की यह तल्ख टिप्पणी महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के उन हुक्मरानों के लिए है जो खेल के मैदान को भाई-भतीजावाद का अखाड़ा बना रहे हैं. मुख्य न्यायाधीश यानी सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने साफ कर दिया कि क्रिकेट अधिकारियों से नहीं बल्कि पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों से चलता है. मामला तब गरमाया जब पूर्व क्रिकेटर केदार जाधव ने आरोप लगाया कि रातों-रात 401 नए सदस्यों को सिर्फ राजनीतिक रसूख के दम पर एंट्री दी गई है. इन नए चेहरों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के विधायक रोहित पवार की पत्नी और सांसद सुप्रिया सुले की बेटी तक के नाम शामिल हैं. अदालत ने इस बंपर ड्रा जैसी सदस्यता वृद्धि पर सवाल उठाते हुए क्रिकेट प्रशासन के गिरते स्तर पर गहरी नाराजगी जाहिर की है.

1986 से 2023 तक 164 सदस्य और अचानक बंपर ड्रा?
सुप्रीम कोर्ट ने एसोसिएशन की सदस्यता में आए अचानक उछाल पर हैरानी जताई. CJI ने तंज कसते हुए पूछा कि दशकों तक जो सदस्य संख्या सीमित थी उसे अचानक बंपर ड्रा की तरह क्यों बढ़ाया गया? सीनियर वकील ए.एम. सिंघवी ने बताया कि एक रिटायर्ड जज की कमेटी ने 48 पुराने सदस्यों को हटाकर नए लोगों को जगह दी है. चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई कि एक सदस्य ने तो एसोसिएशन को 2000 एकड़ जमीन तक दान में दे दी.

नेताओं के रिश्तेदारों की एंट्री और नेपोटिज्म का खेल
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पहले ही इन चुनावों पर रोक लगाते हुए इसे भाई-भतीजावाद और फेवरिटिज्म से ग्रसित बताया था. पूर्व क्रिकेटर केदार जाधव की याचिका के अनुसार मतदाता सूची में शरद पवार के परपोते रोहित पवार की पत्नी कुंती पवार और सुप्रिया सुले की बेटी जैसे नाम शामिल किए गए हैं. कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की, “आप उन लोगों को ला रहे हैं जिन्हें बल्ला पकड़ना तक नहीं आता, जबकि 300 सीटें उन दिग्गज क्रिकेटरों के लिए होनी चाहिए थीं जिन्होंने देश का नाम रोशन किया है.”

स्वतंत्र ट्रिब्यूनल की जरूरत
सिर्फ क्रिकेट ही नहीं CJI ने सभी खेलों के लिए एक स्वतंत्र फोरम या ट्रिब्यूनल की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि हॉकी एसोसिएशन को हॉकी खिलाड़ियों से जाना जाता है वैसे ही क्रिकेट को खिलाड़ियों के सम्मान की जरूरत है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को वापस हाईकोर्ट जाने की अनुमति दी है और हाईकोर्ट से इस मामले को जल्द निपटाने का अनुरोध किया है.

सवाल-जवाब: MCA चुनाव विवाद

सुप्रीम कोर्ट में MCA मामले की सुनवाई किस बेंच ने की?
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्या कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की.

चुनावों पर रोक लगाने के पीछे मुख्य आरोप क्या हैं?
उत्तर: मुख्य आरोप भाई-भतीजावाद (nepotism), अचानक सदस्यों की संख्या बढ़ाना और राजनीतिक नेताओं के रिश्तेदारों को मतदाता सूची में शामिल करना है.

याचिकाकर्ता पूर्व क्रिकेटर केदार जाधव ने किन नामों पर आपत्ति जताई है?
जाधव ने रोहित पवार की पत्नी कुंती पवार और सुप्रिया सुले की बेटी समेत कई राजनीतिक करीबियों के नामों पर आपत्ति जताई है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्रिकेट प्रशासन के लिए क्या सुझाव दिया?
कोर्ट ने कहा कि सेवानिवृत्त और अनुभवी क्रिकेटरों को एसोसिएशन का हिस्सा होना चाहिए ताकि विशेषज्ञ इनपुट मिल सके.

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