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MP Economic Survey: मध्य प्रदेश में हर व्यक्ति की सालाना आमदनी ₹1.69 लाख, GSDP में 11.14% का इजाफा – MP Economic Survey 2025 26 Growth in GSDP and per capita income in state lcln


मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस रिपोर्ट को राज्य की सुदृढ़ आर्थिक स्थिति और समावेशी विकास का प्रमाण बताया है. सर्वेक्षण के अनुसार, मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था न सिर्फ तेजी से बढ़ रही है, बल्कि विकास की दौड़ में नए कीर्तिमान भी स्थापित कर रही है.

सर्वेक्षण के सबसे महत्वपूर्ण आंकड़े राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में भारी उछाल को दर्शाते हैं. प्रचलित मूल्यों पर मध्यप्रदेश का GSDP 16 लाख 69 हजार 750 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.14% की शानदार वृद्धि है. 

साल 2011-12 में प्रदेश की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय जो मात्र 38 हजार 497 रुपये थी, वह अब बढ़कर सालाना एक लाख 69 हजार 050 रुपये हो गई है. यह प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है. 

राज्य 2 हजार 618 करोड़ रुपये के राजस्व आधिक्य की स्थिति में है, जबकि राजकोषीय घाटा GSDP का 4.66% रहने का अनुमान है.

सेक्टर-वार प्रदर्शन: कौन सा क्षेत्र कितना मजबूत?

क्षेत्र योगदान (%) प्रमुख घटक
प्राथमिक क्षेत्र 43.09% फसलें (30.17%), पशुधन (7.22%)
द्वितीयक क्षेत्र 19.79% निर्माण (9.22%), विनिर्माण (7.22%)
तृतीयक क्षेत्र 37.12% होटल व व्यापार (10.35%), लोक प्रशासन

कृषि और ग्रामीण विकास
प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में 14.68% की वृद्धि दर्ज की गई है. ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए 72,975 किमी सड़कें बनाई गईं और 40.82 लाख ग्रामीण आवास पूर्ण किए गए हैं.

औद्योगिक क्रांति और स्टार्टअप्स
राज्य में औद्योगिक विकास के लिए 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ का निवेश और 1.7 लाख नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है. प्रदेश में वर्तमान में 1,723 स्टार्टअप काम कर रहे हैं.

स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार

आयुष्मान भारत: नवंबर 2025 तक प्रदेश में 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं.

मातृ मृत्यु दर: मातृ मृत्यु अनुपात 379 से घटकर अब 142 पर आ गया है.

शिक्षा बजट: कुल बजट का 10.37% शिक्षा के लिए समर्पित है. प्राथमिक शिक्षा (कक्षा 1-5) में अब ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है.

नगरीय विकास और स्वच्छता
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 8.75 लाख घर बनकर तैयार हैं. ‘अमृत 2.0’ योजना के लिए 24 हजार 065 करोड़ रुपए का भारी भरकम निवेश किया गया है. साथ ही स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को 8 राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है.

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