Parliament Budget Session Live: राज्यसभा में बजट चर्चा के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि केंद्र सरकार का फंड नागरिकों की मेहनत की कमाई है, जिसे महज डेडलाइन पूरी करने के लिए बेकार नहीं किया जा सकता. वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार पैसे के सही इस्तेमाल और जवाबदेही को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट भारत के लिए एक ‘दुर्लभ संतुलन’ के क्षण में पेश किया गया है. उन्होंने इसे पूरे देश की उपलब्धि बताते हुए कहा कि आज भारत ने वह स्थिरता हासिल कर ली है, जहां एक तरफ जीडीपी (GDP) ग्रोथ रेट रिकॉर्ड स्तर पर है, वहीं दूसरी तरफ महंगाई (Inflation) नियंत्रण में है. सीतारमण ने जिम्मेदारी के साथ कहा कि यह केवल कमेंट्री नहीं है, बल्कि देश के लोगों के साझा प्रयासों का परिणाम है कि हम इस संतुलन को लंबे समय तक बनाए रखने में सफल रहे हैं. वित्त मंत्री ने बजट 2026-27 के मुख्य उद्देश्यों को समझाते हुए कहा कि इसका डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि वर्तमान आर्थिक लाभ को भविष्य की उत्पादन क्षमताओं में बदला जा सके. उन्होंने कहा कि अगले दशक तक इस विकास की गति को बनाए रखने के लिए ‘आत्मनिर्भरता’ का सिद्धांत हमारी हर आर्थिक योजना का आधार होगा. डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में हुई बढ़ोतरी इसका प्रमाण है. साथ ही, बजट तैयार करते समय ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को भी एक प्रमुख प्राथमिकता के तौर पर रखा गया है. देखिए संसद की कार्यवाही से जुड़ा हर लेटेस्ट अपडेट.
‘जनता के पैसे की बर्बादी नहीं होगी’, राज्यसभा में निर्मला सीतारमण का तीखा पलटवार
- केंद्र सरकार ने साफ किया है कि सरकारी फंड कोई खुला खजाना नहीं है जिसे मनमर्जी से खर्च किया जाए. राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह हर भारतीय के पसीने की कमाई है और डेडलाइन पूरी करने के लिए इसे बर्बाद नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले 10 साल में 14 सोशल सेक्टर योजनाओं में सिर्फ 37,000 करोड़ रुपये अनस्पेंट रहे, जबकि यूपीए दौर में यह आंकड़ा 94,000 करोड़ रुपये था. मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य की योजनाओं के फंड रोके या बंद नहीं किए गए हैं.
- देश की इकोनॉमी को नई रफ्तार मिलती दिख रही है. नॉन फूड बैंक क्रेडिट में 13% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि एनबीएफसी क्रेडिट भी 15.5% की मजबूत ग्रोथ के साथ आगे बढ़ा है. राज्यसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि विकसित भारत के लक्ष्य के तहत हाई लेवल बैंकिंग कमेटी सेक्टर की व्यापक समीक्षा करेगी. साथ ही सरकार ने अगले पांच साल में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल तैयार करने का लक्ष्य रखा है. इस योजना के लिए अगले 12 महीनों में 1000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. सरकार का दावा है कि यह कदम ग्रोथ और रोजगार दोनों को नई दिशा देगा.
- बजट 2026-27 पर चर्चा का जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘हम एक हाई-पावर्ड एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी बना रहे हैं जो यह पक्का करेगी कि हमारे युवा सर्विस सेक्टर के लिए तैयार हों, जहां हमारा लक्ष्य 2047 तक ग्लोबल मार्केट का लगभग 10% हिस्सा हासिल करना है.’
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट 2026-27 पर राज्यसभा में हुई सामान्य चर्चा का जवाब दे रही हैं.
लोकसभा से इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (अमेंडमेंट) बिल पास
- बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि राहुल ‘अर्बन नक्सल’ की तरह व्यवहार कर रहे हैं. इस पर सदन में हंगामा होने लगा जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार (13 फरवरी, 2026) की सुबह 11:00 बजे तक के लिए स्थगित हुई.
- लोकसभा ने इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पास कर दिया है, जिसका मकसद इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड, 2020 में बदलाव करना है.
- केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में कहा, ‘जिसको जॉब मिलेगी, उसे नियुक्ति पत्र भी मिलेगा, ताकि नौकरी की शर्तों का लिखित प्रमाण रहे. समान काम के लिए महिला और पुरुष कामगारों के वेतन अब अलग नहीं होंगे, पहले इसकी कानूनी पाबंदी नहीं थी. लेबर कोड ने समान काम के लिए समान वेतन की गारंटी दी है. आज तक ऐसा होता था कि कोई 5 साल तक काम करता था, तभी उसे ग्रेच्युटी मिलती थी. अब लेबर कोड में एक साल काम करने पर भी ग्रेच्युटी की गारंटी है.’
- केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने संशोधित औद्योगिक संबंध संहिता बिल पर जवाब देते हुए कहा, ‘वामपंथी दलों की आलोचना करते हुए केंद्रीय श्रम मंत्री ने कहा कि केरल की एलडीएफ सरकार ने राज्य में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र नहीं दिया. उन्होंने विधेयक के लाभों पर प्रकाश डालते हुए समय पर वेतन भुगतान, औद्योगीकरण को बढ़ावा देने वाले प्रावधान और न्यूनतम वेतन की गारंटी का उल्लेख किया.’
- लोकसभा में केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की ओर से पेश औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा जारी है. वहीं, केंद्रीय बजट 2026-27 पर राज्यसभा में चल रही सामान्य चर्चा का जवाब थोड़ी देर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देंगी.
संसद का मौजूदा सत्र आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. एक तरफ बीजेपी सांसद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन से पूरी तरह बाहर करने की रणनीति बना रहे हैं, तो दूसरी ओर कांग्रेस सांसदों पर लोकसभा स्पीकर के चैंबर में घुसकर अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगे हैं.
बीजेपी के फायरब्रांड सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए राहुल गांधी के खिलाफ ‘विशिष्ट प्रस्ताव’ (Substantive Motion) लाने का नोटिस दिया है. दुबे ने मांग की है कि नेता प्रतिपक्ष की लोकसभा सदस्यता रद्द की जाए और उन पर आजीवन चुनाव लड़ने का प्रतिबंध लगाया जाए. निशिकांत दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी विदेश यात्राओं के दौरान भारत विरोधी तत्वों के साथ सांठगांठ करते हैं. उन्होंने सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन और यूएसएड जैसी संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल थाईलैंड, कंबोडिया और अमेरिका जाकर देश विरोधी ताकतों से मिलते हैं. दुबे ने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र प्रस्ताव है जिस पर सदन की मुहर लगनी चाहिए.
राहुल के आपत्तिजनक शब्दों को हटाने का प्रस्ताव
- संसद का विवाद केवल सदस्यता तक सीमित नहीं है. बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राहुल गांधी के भाषण से ‘आपत्तिजनक’ शब्दों को हटाने की मांग की है. जायसवाल के मुताबिक, बजट चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने ‘आपने भारत माता को बेच दिया’ और ‘यूएस ट्रेड डील शर्मनाक है’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया. उन्होंने नियम 380 का हवाला देते हुए कहा कि ये शब्द असंसदीय हैं और बिना किसी प्रमाण के लगाए गए हैं. जायसवाल का तर्क है कि यदि इन शब्दों को रिकॉर्ड से नहीं हटाया गया, तो ये संसदीय इतिहास का हिस्सा बन जाएंगे, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है.
कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर में घुसे, किरेन रिजिजू का आरोप
- संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस के 20-25 सांसद जबरन स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में घुस गए. रिजिजू के अनुसार, वहां प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में सांसदों ने न केवल अपशब्द कहे, बल्कि प्रधानमंत्री को लेकर धमकी भी दी. रिजिजू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए इसे ‘गैर-कानूनी रिकॉर्डिंग’ बताया और कहा कि कांग्रेस की सोच पूरी तरह बिखर चुकी है. उन्होंने एनडीए सांसदों की सहनशीलता की तारीफ करते हुए कहा कि अगर वे प्रतिक्रिया देते, तो संसद में स्थिति अनियंत्रित हो सकती थी.
लोकसभा में गुरुवार को अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते (US Trade Deal) को लेकर भी जमकर नारेबाजी हुई. प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर आसन के पास पहुंच गए. पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदस्यों को समझाने की कोशिश की कि महिला सांसदों के सवालों का जवाब देने दिया जाए, लेकिन हंगामा नहीं थमा. नतीजतन, कार्यवाही शुरू होने के मात्र सात मिनट के भीतर ही सदन को स्थगित करना पड़ा.
सदन के शोर-शराबे के बीच राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने एक संवेदनशील मुद्दा उठाया. उन्होंने कार्यस्थलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में हो रहे जातिगत भेदभाव पर गहरी चिंता जताई. खरगे ने ओडिशा और मध्य प्रदेश की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जाति आधारित भेदभाव संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 का सीधा उल्लंघन है. उन्होंने सरकार से इन मामलों की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि दलित और पिछड़ों की गरिमा की रक्षा हो सके.

