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Parliament Winter Session- संसद का शीतकालीन सत्र आज से: 13 बिल, 15 बैठकें और हंगामे के पूरे आसार, विपक्ष ने बनाया प्लान


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Sansad Satra: संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू होने वाला है और इसके हंगामेदार रहने के पूरे आसार हैं. विपक्ष ने SIR यानी मतदाता सूची के विशेष संशोधन पर चर्चा की मांग को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है. विपक्ष का साफ कहना है कि यदि SIR और चुनावी सुधारों पर बहस नहीं हुई तो वे सदन नहीं चलने देंगे. सरकार ने सहयोग की अपील की है.

शीतकालीन सत्र आज से: 13 बिल, 15 बैठकें, SIR पर विपक्ष के हंगामे की पूरी तैयारीसंसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू होने वाला है.

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो रहा है. इस बार सत्र के बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं. विपक्ष ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) यानी मतदाता सूची के विशेष संशोधन को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है. रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने साफ कर दिया कि अगर SIR पर चर्चा नहीं हुई तो वे संसद की कार्यवाही नहीं चलने देंगे. विपक्ष इस मुद्दे पर एकजुट नजर आ रहा है. हालांकि सरकार ने सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए विपक्ष से सहयोग मांगा है. सरकार ने विपक्ष को भरोसा दिलाया है कि वे उनकी मांगों पर विचार करेंगे. लेकिन विपक्ष का तेवर बता रहा है कि वह आर-पार के मूड में है.

सरकार की तरफ से राज्यसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक में वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर चर्चा का प्रस्ताव रखा गया. विपक्ष ने इस पर सहमति तो दी, लेकिन साथ ही अपनी शर्त भी रख दी. विपक्ष का कहना है कि सरकार को एसआईआर पर भी चर्चा करनी होगी. विपक्ष चाहता है कि इसे चुनावी सुधारों (Electoral Reforms) पर एक व्यापक बहस के हिस्से के रूप में शामिल किया जाए. और यह चर्चा सोमवार दोपहर को ही होनी चाहिए. सूत्रों के मुताबिक सरकार ने विपक्ष से कहा है कि वे इस पर विचार करके जवाब देंगे.

23rd Law Commission Detailed Submission
सरकार 13 बिल लाने की तैयारी में है.

आखिर क्या चाहता है विपक्ष?

लोकसभा की बीएसी बैठक में भी विपक्ष ने एसआईआर का मुद्दा उठाया. विपक्ष चाहता है कि चुनावी सुधारों पर बहस के लिए समय तय किया जाए. वहीं सरकार का कहना है कि निचले सदन (लोकसभा) में सबसे पहले मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (सेकंड अमेंडमेंट) बिल, 2025 पर चर्चा होगी. सरकार ने इसे संवैधानिक बाध्यता बताया है. इससे साफ है कि सरकार और विपक्ष के बीच एजेंडे को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है.

किन-किन मुद्दों पर चर्चा की मांग?

रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक में 36 राजनीतिक दलों के 50 नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. इसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी मौजूद थे. विपक्ष ने SIR के अलावा दिल्ली में हुए हालिया धमाकों, राष्ट्रीय सुरक्षा, वायु प्रदूषण और विदेश नीति पर भी चर्चा की मांग की.

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