माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। गंगा तटों पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होने लगी थी। पवित्र स्नान करने वालों का संगम नोज पर तांता अल सुबह ही लग गया। रविवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है।
पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ पूरे माघ माह कल्पवास करने वाले श्रद्धालु आज माघ पूर्णिमा का स्नान कर अपने घरों की ओर प्रस्थान करेंगे। संगम नोज से लाइव रिपोर्टिंग कर रहे अमर उजाला के वरिष्ठ रिपोर्टर मुनेंद्र वाजपेई के मुताबिक सुबह पांच बजे ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ स्नान के लिए उमड़ने नहीं थी। सुबह छह बजे तक लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में स्नान कर चुके थे।
माघ मेले के पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर रविवार को श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं। मुहूर्त सुबह से देर रात तक का है। पूर्णिमा स्नान के साथ कल्पवास का संकल्प भी पूरा हो जाएगा। एक महीने से टिके कल्पवासी संगम की रेती ले विदा होंगे। सोमवार से गंगा तट पर वही रह जाएंगे, जिन्होंने संक्रांति से कल्पवास आरंभ किया है। ऐसे श्रद्धालु महाशिवरात्रि तक क्षेत्र में रहेंगे।
प्रशासन का दावा है कि पूर्णिमा पर 50 से 70 लाख श्रद्धालु 24 घाटों पर स्नान करेंगे। यह आंकड़ा एक करोड़ के पार भी जा सकता है। कल्पवासियों के शिविरों में रविवार को सत्यनारायण कथा होगी। इससे पहले कई शिविरों में रामचरितमानस का अखंड पाठ शुरू हुआ, जिसका समापन भंडारे के साथ रविवार को होगा।

