रोहित पवार के बयान के बीच एनसीपी के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार जब मुंबई लौटेंगी तो इस मुद्दे पर उनके साथ चर्चा की जाएगी. तटकरे बार-बार यह कहते रहे हैं कि एनसीपी एनडीए से जुड़ी हुई है और विलय के मुद्दे पर बोलने से इनकार करते रहे हैं. उन्होंने रायगढ़ में संकेत दिया कि अब इस मुद्दे पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से चर्चा की जाएगी, जो अगले सप्ताह मुंबई में होंगी. तटकरे ने कहा, ‘हमने अजीत दादा के नेतृत्व में एनडीए में शामिल होने का सामूहिक निर्णय लिया था. मैं यह बात अजीत पवार के जीवित रहते भी बार-बार कहता रहा हूं… विलय को लेकर हम चर्चा करेंगे.’ तटकरे ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की बैठक 10 फरवरी को मुंबई में निर्धारित है, जिसमें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार शामिल होंगी. उन्होंने कहा, ‘उस समय हम निश्चित रूप से इस मुद्दे पर उनसे चर्चा करेंगे. इसके अलावा सुनेत्रा पवार राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के लिए दिल्ली भी जा सकती हैं. हम उचित समय पर बैठकर इस मुद्दे पर विचार-विमर्श करेंगे.’
‘रोहित पवार को बोलने का अधिकार नहीं’
तटकरे ने कहा कहा कि एनसीपी अजित दादा का राजनीतिक परिवार है और इस संबंध (एनसीपी मर्जर) में हम उचित तरीके से फैसला करेंगे. तटकरे ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि मीडिया ने मेरे बयान से क्या निष्कर्ष निकाला है, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि जब उपमुख्यमंत्री अगले सप्ताह मुंबई आएंगी, तो उनके साथ कई मुद्दों पर चर्चा होनी है.’ उन्होंने इस सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या विलय चर्चा का हिस्सा होगा. तटकरे ने कहा कि रोहित पवार को एनसीपी पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है. उन्हें अपनी पार्टी पर ध्यान देना चाहिए. इस पर रोहित पवार ने पलटवार करते हुए कहा कि भले ही मुझे एनसीपी पर बोलने का नैतिक अधिकार न हो, लेकिन अजित पवार और उनके कुछ करीबी लोगों ने मुझसे जो कहा था, उस पर बोलने का मुझे भावनात्मक अधिकार जरूर है.
एनसीपी के मिनिस्टर क्या बोले
NCP के विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर जब पूछा गया तो एनसीपी मंत्री हसन मुश्रीफ ने कोल्हापुर में पत्रकारों से कहा कि एनसीपी (एसपी) नेताओं के साथ विलय की बातचीत में अजित पवार ही मुख्य व्यक्ति थे. उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में अन्य कोई नेता प्रमुख भूमिका में नहीं थे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा, ‘अगर सुनेत्रा वहिनी (भाभी), परिवार और पार्टी के सभी नेता फिर से एकजुट होने के पक्ष में हैं, तो किसी तरह की बाधा की कोई वजह नहीं है. पार्टी जो भी फैसला लेगी, मैं उसके साथ खड़ा रहूंगा.’ बता दें कि सीएम देवेंद्र फडणवीस भी इसपर टिप्पणी कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि यदि एनसीपी के विलय पर चर्चा हुई थी तो अजित पवार उनसे इसपर बात जरूर करते.

