Mon. Feb 9th, 2026

Us-iran Row:ट्रंप की धमकी के आगे नहीं झुकेगा ईरान! अब्बास अराघची बोले- यूरेनियम संवर्धन नहीं छोड़ेंगे – Abbas Araghchi Ruled Out Iran Ever Giving Up Uranium Enrichment Donald Trump Threat Of War Us Military


ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रविवार को अमेरिकी धमकियों को दरकिनार कर दिया। अब्बास अराघची ने साफ किया कि अमेरिका के साथ जारी बातचीत के बावजूद ईरान कभी भी यूरेनियम संवर्धन नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से युद्ध की धमकी या क्षेत्र में सैन्य तैनाती से ईरान डरने वाला नहीं है।

तेहरान में एक कार्यक्रम में अब्बास अराघची ने कहा कि वॉशिंगटन पर ईरान का भरोसा बेहद कम है और उसे इस बात पर भी संदेह है कि अमेरिका बातचीत को गंभीरता से ले रहा है या नहीं। उन्होंने बताया कि ईरान इन वार्ताओं को लेकर अपने रणनीतिक साझेदार चीन और रूस से भी परामर्श कर रहा है।

ये भी पढ़ें: US: ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- वोटिंग नियमों पर दुनिया भर में अमेरिका का मजाक बन रहा

अमेरिकी युद्पोतों की तैनाती पर क्यो बोले अराघची?

अराघची ने कहा कि यूरेनियम संवर्धन पर ईरान का जोर इसलिए है क्योंकि कोई भी देश उसके व्यवहार को निर्देशित नहीं कर सकता। उन्होंने अरब सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की तैनाती का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ईरान डरता नहीं है।

गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका ने पिछले वर्ष जून में इस्राइल के साथ हुए 12 दिनों के युद्ध के बाद पहली बार ओमान में बातचीत दोबारा शुरू की है। ईरान इन वार्ताओं में अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों को हटवाना चाहता है और इसके बदले परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कुछ भरोसा बढ़ाने वाले कदमों की पेशकश की बात कर रहा है।

‘हमारी ताकत महाशक्तियों को ना कहने की क्षमता’

पश्चिमी देशों और इस्राइल का आरोप है कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसे ईरान ने खारिज किया है। अराघची ने कहा कि ईरान किसी परमाणु हथियार की तलाश में नहीं है और उसकी असली ताकत महाशक्तियों को ‘ना’ कहने की क्षमता है।

इस बीच इस्राइल के विदेश मंत्री गिडियोन सार ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को विश्व शांति के लिए खतरा बताया है। अमेरिका और इस्राइल चाहते हैं कि बातचीत में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सशस्त्र संगठनों को समर्थन जैसे मुद्दे भी शामिल हों, लेकिन ईरान ने इन्हें वार्ता का हिस्सा बनाने से इनकार कर दिया है।

ये भी पढ़ें: Iran: ईरान ने जेल में बंद नोबेल विजेता नरगिस मोहम्मदी की सजा सात साल बढ़ाई, वकील ने की पुष्टि

अराघची ने कहा कि प्रतिबंधों की निरंतरता और सैन्य गतिविधियां अमेरिका की कूटनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती हैं और ईरान हालात पर नजर रखते हुए आगे की बातचीत पर फैसला करेगा।

संबंधित वीडियो

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *